मथुरा। प्रो-पूअर-ट्यूरिज्म प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन से पूर्व ब्रज के प्राचीन और परंपरागत उद्योगों के विकास तथा उन्हें विश्वस्तरीय बनाने की पड़ताल प्रारंभ हो गई है। इन उद्योगों में लगे स्वयं सहायता समूह और अन्य लोगों का सर्वे आरंभ कर दिया गया है। यह सर्वे आगामी 30 अक्तूबर तक पूर्ण हो जाने की संभावना है।
प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी प्रो पूअर ट्यूरिज्म प्रोजेक्ट अगले वर्ष के मध्य में आरंभ होने जा रहा है। मूलत: प्राचीन और परंपरागत उद्यमों के विकास एवं इन उद्यमों को विश्वस्तरीय बनाकर निर्यात को बढ़ावा देने पर आधारित इस प्रोजेक्ट पर काम अभी से शुरू हो चुका है। जनपद में प्राचीन और पारंपरिक उद्योगों की वर्तमान स्थिति, उनका टर्नओवर, विपणन आदि बिंदुओं की जानकारी के लिए स्वयं सहायता समूहों का सहारा लिया जा रहा है।
नगरीय विकास अभिकरण, ग्राम्य विकास विभाग एवं एक अन्य नगर निकाय विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण में स्वयं सहायता समूहों के साथ इन उद्योगों से जुड़े कारीगर एवं व्यवसायियों से संपर्क कर उद्योग की बारीकियों की जानकारी ली जा रही है। साथ ही उनसे लाभ में वृद्धि के सुझाव भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। डूडा के परियोजना अधिकारी सुभाषवीर सिंह ने बताया कि डूडा ने 28 सामुदायिक विकास समितियों से जुड़े 15 स्वयं सहायता समूहों की बैठक मंगलवार को बुलाई है। इधर ग्राम पंचायत स्तर पर भी जिला पंचायत राज विभाग निरंतर सक्रिय है। जबकि नगर निकाय स्तर पर भी कारीगरों को बुलावा भेजा गया है।
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30 तक सौंपेंगे रिपोर्ट
जिले के प्राचीन और परंपरागत् उद्योगों का सर्वे कर रहे विभागों को सर्वेक्षण के लिए 30 अक्टूृबर तक का समय दिया गया है। इस दिन सभी विभाग अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप देंगे। इन रिपोर्टाें के अध्ययन के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।