मथुरा। यमुना में आईं खतरनाक लहरें अपने संग सब्जियां बहा ले गईं। इसका सीधा असर सब्जी बाजार पर आया है। टमाटर का भाव जहां 20 रुपये से बढ़कर सीधे 50 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया, वहीं तरबूज और खरबूज बाजार से गायब हो गए हैं। हालात इतने विकट हो गए हैं कि 100 रुपये में बमुश्किल दो जून की सब्जी ही लोग खरीद पा रहे हैं।
यमुना की खादर और किनारों पर बसे गांवों के खेतों में फलों और सब्जियों की भरपूर पैदावार होती है। लेकिन यमुना अपने साथ सब कुछ बहाकर ले गई। अब सब्जियां बाहर से लाई जा रहीं हैं। इस समय महंगाई की सबसे ज्यादा मार टमाटर, मिर्च, हरा धनिया, भिंडी, लौकी, अरबी, अदरक, टिंडा आदि सब्जियों पर पड़ी है। यमुना की रेती में उगाए जाने वाले खरबूज, तरबूज नुकक्ड़ों और सड़क के किनारे की ढकेल से गायब हैं।
विकास बाजार स्थित स्थानीय सब्जी विक्रेता साबिर बताते हैं कि ज्यादातर सब्जियां बाहर से लाई जा रही हैं। इससे इनके दामों में भारी बढ़ोत्तरी हो गई है।
वहीं सिविल लाइंस स्थित सब्जी विक्रेता हनीफ बताते हैं कि खादर की सब्जियां बह जाने के बाद सबसे ज्यादा टमाटर को लेकर दिक्कत है। इसके दाम दोगुने से भी अधिक हो गए हैं।
सब्जियों के दाम प्रति किलोग्राम
बाढ़ से पहले बाढ़ के बाद
आलू 10-12 18-20
टमाटर 20 50
अदरक 100 200
लहसुन 40 80
हरी धनिया 50 150
भिंडी 16 30
तुरई/लौकी 7-8 16
हरी मिर्च 30 60
मटर 60 100
शिमला मिर्च 40 80
फूल गोभी 40 60 ( रुपये में )
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घर के सामने और महंगी सब्जी
घर के सामने आने वाली ठेल-ढकेल का भाव और भी ज्यादा है। ठेल-ढकेल से धनिया गायब हो चुकी है। पूछने पर होली गेट के पास ठेल ले जा रहे राजू ने कहा ग्राहक को सब्जी के साथ फ्री देते थे लेकिन इतनी महंगी कौन खरीदे।
मंडी जाएंगे तो मिलेगी कुछ राहत
सब्जी मंडी में जाने पर ग्राहकों को कुछ राहत मिल जाएगी। टमाटर खुले बाजार में जहां 50 रुपये प्रति किलोग्राम पड़ रहा है वहीं मंडी में यह 40 रुपये किलो की दर से उपलब्ध है। इसी तरह अदरक मंडी में 160 रुपये किलो है जबकि खुले बाजार में 200 रुपये प्रति किलो बिक रही है।