मथुरा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उत्तरप्रदेश की सरकार भूलती जा रही हैं। दो अक्तूबर को मनाई जाने वाली गांधी जयंती के लिए प्रदेश सरकार ने कोई धनराशि आवंटित नहीं की है। ये सिलसिला पिछले चार सालों से चला आ रहा है। इतना ही नहीं आजादी के जश्न को भी सरकार फिजूल खर्ची मान चुकी है।
नेताओं की करतूत का खुलासा जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचनाओं में हुआ है। सामाजिक संस्था ‘परिवर्तन’ के लीगल एडवाइजर गौरव अग्रवाल की मांगी सूचनाओं में अपर जिला अधिकारी प्रशासन अवधेश तिवारी द्वारा अवगत कराया है कि पिछले चार वित्तीय वर्षों से प्रदेश सरकार द्वारा गांधी जयंती के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई है। इससे पूर्व वित्तीय वर्ष 2007-08 में सरकार से दो सौ रुपये धनराशि प्राप्त हुई थी। इतना ही नहीं आजादी के जश्न स्वतंत्रता दिवस के लिए भी प्रदेश सरकार ने पिछले तीन वर्षों से कोई धनराशि नहीं भेजी है। वित्तीय वर्ष 2007-08 और 2008-09 में जरूर सरकार से तीन-तीन सौ रुपये धनराशि प्राप्त हुई थी। वहीं, गणतंत्र दिवस के लिए भी वर्ष 2007-08 में तीन सौ रुपये भेजे थे। तब से अभी तक कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई है।
सरकार की सूची में गांधी नदारद
आरटीआई में प्रदेश सरकार के राष्ट्रीय एकीकरण अनुभाग के विशेष सचिव नरेंद्र कुमार ने सूचना दी है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में बाबा साहब अंबेडकर जयंति के लिए 26.25 लाख, सरदार पटेल जयंति के लिए 3.75 लाख और महान विभूतियों के जन्म दिवस मनाने के लिए 26.25 लाख की धनराशि आवंटित की है। ये प्रदेश के समस्त जिलों के लिए कुल धनराशि है। इस सूची में देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी नदारद है।