मथुरा-वृंदावन मार्ग स्थित धौरेरा के जंगल में मृत मिले गोवंश की जांच में 14 में से छह गोवंश के अवशेषों की पहचान हो सकी है। ये मृत गायें वृंदावन की दो गोशालाओं की हैं। गोवंश के मरने पर उन्हें मिट्टी में दबाने के बजाय खुले आसमान तले फेंक दिया।
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फिलहाल प्रशासन ने नोटिस देकर जवाब मांगा है। निर्धारित समय पर जवाब न देने पर इन गोपालकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा। वहीं सकराया बांगर के पशुपालकों पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।
धौरेरा के जंगल में एक ही स्थान पर शुक्रवार को मृत मिले 14 गोवंश को देखकर गोरक्षक दल के कार्यकर्ता भड़क गए थे और उन्होंने मार्ग जाम लगाकर हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने जैंत थाने में 37 नामजद और 60 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इधर, डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नेतृत्व में 4 अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया है। यह टीम पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विपिन गर्ग ने बताया है कि गायों के कानों में और जंगल में कंकाल के पास पड़े मिले टैग की जांच में 6 गायों के गोशाला की पहचान हो गई है। ये वृंदावन स्थित पंचायती और श्यामबाबा गोशाला की तीन-तीन गायें थीं। सोमवार तक कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर दोनों संचालकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वहीं सकराया बांगर के भी कुछ गोपालकों पर नजर है। जल्दी ही चिन्हित करें इन्हें नोटिस दिया जाएगा।