टाउनशिप। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की 54वीं छमाही बैठक एंप्लाइज क्लब रिफाइनरी नगर में आयोजित की गई।
अध्यक्षता करते हुए रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक देबजीत गोगोई ने कहा कि सभी कार्यालय भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में और अधिक प्रयास करें। पत्राचार व टिप्पणी लेखन के क्षेत्र में विशेष पहल करें। उन्होंने कहा कि हम सभी सरकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान हैं, हिंदी के लिए संवैधानिक प्रावधानों का अनुपालन करना हमारा कर्तव्य है। राजभाषा विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए हम सभी अपने-अपने कार्यालय में हिंदी को बढ़ावा दें। दैनिक कामकाज में अधिकतम हिंदी का प्रयोग करें और राजभाषा कार्यों को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली में समाहित करें। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार का यह सपना सरकारी तंत्र को ही पूरा करना है।
सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग ने कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में हो रही प्रगति पर चर्चा की। बताया कि राजभाषा विभाग के वार्षिक कार्यक्रम को लागू करना तथा संघ की राजभाषा नीति का अनुपालन करना प्रत्येक कार्यालय प्रमुख की जिम्मेदारी है। बैंकों के विलय के बाद भी सभी कार्यालयों की नराकास सदस्यता पूर्ववत रहेगी। पी.टी. सोलंकी, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यालयों एवं उपक्रमों में राजभाषा नीति, नियमों एवं अधिनियमों का अनुपालन लक्ष्य के अनुरूप करना आवश्यक है। रजनी, नराकास सचिव ने छमाही रिपोर्ट प्रस्तुत की। संवाद