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Mathura News: तीन माह में नहीं हो सकी एफआईआर, अब हो रही सुनवाई

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मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी अजब-गजब रवैया है। एसटीएफ द्वारा सितंबर माह में 42 फर्जी शिक्षकों के आदेश को पहले तो तीन माह तक टाला गया। अब इस प्रकरण में उक्त शिक्षकों की सुनवाई लगाई गई है, जिसमें कथित शिक्षक अपना पक्ष रख रहे हैं।
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एसटीएफ ने सितंबर माह में मथुरा के 42 कथित फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। इस पत्र में बकायदा शिक्षक-शिक्षिकाओं के नाम व नियुक्ति वाले विद्यालय का नाम लिखा था। आदेशानुसार इन 42 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर कराने के बाद एसटीएफ को अवगत भी कराना था, लेकिन नवंबर माह के भी आधा से अधिक बीतने के बाद भी इन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस आदेश को बीएसए विभाग दबा कर बैठा रहा।
सूत्रों के अनुसर इन शिक्षकों से सेटिंग-गेटिंग के तहत यह आदेश दबाया गया। ताकि इन शिक्षकों को अपने बचाव के लिए समय मिल सके। अब इस मामले में कमेटी बनाकर उक्त शिक्षकों की सुनवाई की जा रही है। जिसमें कथित शिक्षक अपना पक्ष विभाग के समक्ष रख रहे हैं।
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सितंबर माह में ही 19 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ हुई थी एफआईआर

सितंबर माह में ही बीएसए सुनील दत्त ने 19 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ थाना हाइवे में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद भी 8 सितंबर को जारी एसटीएफ के आदेश पर अन्य 42 शिक्षकों के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश को विभाग दबाए बैठा रहा।

वर्जन

कथित 42 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसटीएफ के बाद डीजी स्कूली शिक्षा का आदेश आया था। इसलिए इस कार्रवाई को थोड़ा टाला गया। सीधे मुकदमा दर्ज कराना विधि सम्मत नहीं है। इसलिए पहले सुनवाई लगाकर शिक्षकों का पक्ष सुना जा रहा है।
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-सुनील दत्त, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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