श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण की योजना बनने के बाद शासन ने जनवरी 2023 में श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास क्षेत्र का सर्वे कराया था। इस दौरान दुकान, भवन और कुंज गलियां समेत करीब 276 स्थानों को चिन्हित किया था। तब से अब तक काफी कुछ बदल चुका है।
मथुरा में प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण के लिए प्रशासन की तैयारियां जोरो पर हैं। कॉरिडोर के दायरे में जाने वाले भवनों का भौतिक सत्यापन हो चुका है। अब भौगोलिक स्थितियों के लिए जीपीएस सर्वे के माध्यम से कॉरिडोर का थ्रीडी नक्शा तैयार किया जा रहा है। इससे कॉरिडोर के जद में आने वाले भवनों और मंदिरों को अक्षांश और देशांतर के माध्यम से स्थिर किया जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल, श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण की योजना बनने के बाद शासन ने जनवरी 2023 में श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास क्षेत्र का सर्वे कराया था। इस दौरान दुकान, भवन और कुंज गलियां समेत करीब 276 स्थानों को चिन्हित किया था। 2023 में हुए सर्वे के बाद अब 2 साल से ज्यादा का समय बीत गया है। इस बीच वृंदावन में काफी कुछ बदल गया है। इस कारण प्रशासन ने 2023 की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कॉरिडोर की जद में आने वाले भवनों का भौतिक सत्यापन किया है। भौतिक सर्वे के बाद प्रशासन की कॉरिडोर निर्माण की तैयारियां जोरो पर हैं।
अब कॉरिडोर क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियों के लिए जीपीएस सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद थ्रीडी नक्शा तैयार होगा। ताकि कॉरिडोर के दायरे में आने वाले भवनों को अक्षांश और देशांतर के माध्यम से आसानी से स्थिर किया जा सके। एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि अक्षांश व देशांतर रेखाओं के माध्यम से कॉरिडोर के महत्वपूर्ण स्थलों की स्थिति स्थिर होगी। ताकि कॉरिडोर की लंबाई और चौड़ाई माध्यम से भौगोलिक स्थितियां बेहतर हो सकें। इसके लिए जीपीएस का सहारा लिया जा रहा है। जीपीएस सर्वे के बाद कॉरिडोर का थ्रीडी नक्शा तैयार होगा।