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Mathura: बारिश से बर्बादी...200 एकड़ धान की फसल जलमग्न, सड़कें डूबीं; स्वास्थ्य केंद्रों में भी जलभराव

Wed, 06 Aug 2025 09:22 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में बारिश से हालात बाढ़ जैसे नजर आ रहे हैं। खेत पानी में डूबे हुए हैं तो सड़कों पर भी जलभराव है। किसान परेशान हैं। पशुओं के लिए चारा तक की दिक्कत खड़ी हो गई है।
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नदी किनारे निरीक्षण करते जिलाधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा में फरह क्षेत्र के गांव कवायला में 200 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गयी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले आठ दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी फसल चौपट हो गयी है। जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं। चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। पशुओं के लिए भी चारे आदि की समस्या हो रही है। बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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जलभराव से गांव कवायला के साथ गांव नगला हरिया, नगला सोनपाल प्रभावित है। किसान हुकमी, बंटी, बिरजू आदि ने बताया कि हर बार बारिश का पानी आगरा कैनाल में चला जाता था। इस बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ऐसा प्रबंध नहीं किया। इसके कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। पानी खेतों से निकलकर आबादी तक पहुंच गया है।

बुधवार शाम सिंचाई विभाग के एसडीओ अनुज यादव, जेई रिषी दुबे एवं भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री सुरेश तरकर ने जलभराव का निरीक्षण किया। एसडीओ ने बताया कि अभी कैनाल से बाढ़ग्रस्त इलाकों का पानी निकाला जा रहा है। इसके बाद यहां के पानी को कैनाल के रास्ते निकाला जाएगा। स्थायी समाधान के लिए इस्टीमेट बनाकर माइनर को पक्का कराया जाएगा।
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एसडीएम ने किया सीएचसी का निरीक्षण
छाता कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता ने बुधवार को निरीक्षण किया। सीएससी प्रांगण में जलभराव मिलने पर कर्मचारियों को फटकार लगाई। एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि सीएससी के गेट व प्रांगण में बारिश का पानी भरा मिला। उन्होंने कर्मियों को दिशा निर्देश दिए कि किसी भी हालत में जलभराव न हो। सरकारी अस्पताल में भरे पानी की निकासी के लिए बीडीओ नरेश कुमार को मोटर पंप लगने के निर्देश दिए। 

मुख्य मार्ग पर जलभराव
कस्बे में श्रीदाऊजी मंदिर के मुख्य रास्ते पर श्रीबलभद्र इंटर कॉलेज के सामने जलभराव से श्रद्धालुओं व स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को दिक्कत हो रही है। मुख्य मार्ग पर कॉलेज के सामने जलभराव से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासी सत्यप्रकाश कटारा, अरुण शर्मा, भाकियू नेता लेखराज सिंह, सुधाकर उपाध्याय, केपी सिंह, स्वदेश शर्मा, सुभाष चंद्र ने जिलाधिकारी से समस्या के समाधान की मांग की है। संवाद

 

जलभराव को लेकर प्रशासन चिंतित
गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह व उपजिलाधिकारी सदर अभिनव जे जैन जलभराव वाले गांवों का निरीक्षण किया। विधायक ने बीडीओ नेहा रावत सहित सिंचाई विभाग, कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ गांव खेरिया, सेरसा एवं छड़गांव में जलभराव का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल निकासी को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों के साथ बैठक की गई। विधायक ने पंप सेट, नालियों की सफाई तथा पुलिया की खुदाई कराकर जल निकासी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों एवं परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। 

ड्रेन की नाली कटने से जलमग्न हुईं फसलें
गोवर्धन क्षेत्र के गांव अड़ींग के पास स्थित कंचनपुर में किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। किसानों का आरोप है कि हरिपुरा-जखनगांव ड्रेन की नाली को जखनगांव में कटवा दिया गया है। जिससे पानी खेतों में घुस गया और खड़ी फसलें पूरी तरह डूब गईं। प्रभावित किसान हरिश्चंद्र, केदार, निहाल सिंह, विजयपाल आदि ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही पानी की निकासी नहीं कराई गई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि स्केप की सफाई कराई जाए, जिससे जल निकासी की उचित व्यवस्था हो सके। 

 
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डीएम ने किया यमुना के तटीय गांवों का निरीक्षण
नौहझील में जिलाधिकारी ने बुधवार को यमुना के तटीय इलाकों का निरीक्षण किया। बाढ़ एवं राहत चौकियों का जायजा लिया। गांव अड्डा मीणा, दौलतपुर, मांगलखोर, फिरोजपुर, छिनपारई, मरहला मुक्खा, अड्डा मल्हान, अड्डा पिथौरा, रायपुर, इनायतगढ़, मुखदुमपुर, बरौठ, मंडारी, भैरई, मुसमुना आदि के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी आ चुका है। बुधवार दोपहर जिलाधिकारी सीपी सिंह एवं एसडीएम रितु सिरोही ने गांव अड्डा फिरोजपुर व छिनपारई का निरीक्षण किया। यहां सड़क तक बाढ़ का पानी आ चुका है। अधिकारियों ने बाढ़-राहत चौकियों की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। 

अधिकारियों को सतर्क रहने और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने को कहा। बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों से जानकारी ली गई। डीएम ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों एवं जलभराव वाले खेतों का सर्वे समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने श्रीझाड़ी हनुमानजी मंदिर में मत्था टेका। महंत रामरतन दास महाराज ने प्रसादी भेंट की। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार बृजेश कुमार, नायब तहसीलदार राकेश कुमार उपाध्याय, कानूनगो हरीशंकर, लेखपाल चरन सिंह, शिवकुमार गौतम, हरवीर सिंह, नीरज, उपनिरीक्षक अंकित कुमार मौजूद रहे। 

 
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