मथुरा। त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही बाजार में मिलावटखोरों का खेल एक बार फिर तेज हो गया है। पिछले छह महीनों के दौरान जिले में लिए गए कुल 488 नमूनों में से 188 फेल हो चुके हैं। लोगों की सेहत से किस हद तक खिलवाड़ हो रहा है, इसकी बानगी खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया रिपोर्ट से मिलती है। इसके बावजूद मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं और धड़ल्ले से अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री जारी है।
त्योहारी सीजन में मावा, पनीर, मिठाइयां, तेल और मसालों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मुनाफाखोर सक्रिय हो जाते हैं। हाल ही में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है। जांच के लिए भेजे गए 488 नमूनों में से 38 प्रतिशत से अधिक यानी 188 नमूने अधोमानक और असुरक्षित पाए गए हैं। इनमें मिलावटी खोया और रंगीन मिठाइयों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।
-त्योहारों पर मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्रियों की मांग बढ़ते ही मिलावट का कारोबार बढ़ जाता है। प्रशासन को औपचारिकता पूरी करने के बजाय इन मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। - देवेंद्र निषाद
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-अनजाने में मिलावटी और असुरक्षित चीजें खा रहे हैं। त्योहार के समय खरीदारी करते समय सतर्क रहें, केवल भरोसेमंद दुकानों से ही सामान खरीदें और अपनी व अपनों की सेहत से कोई समझौता न करें। - रमेश सैनी