मथ्ाुरा- वृंदावन। वृंदावन शोध संस्थान के सभागार में चल रहे संत शिरोमणि सूरदास महोत्सव के द्वितीय दिन मंगलवार को विदुषी उमा डोगरा एंड ग्रुप के कलाकारों ने कत्थक नृत्य के माध्यम से श्रीकृष्ण व राधा की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन कर दर्शकों को आकर्षित किया। बैंगलोर से आईं वैजयंती काशी व प्रतीक्षा काशी ने कुचिपुड़ी नृत्य को देख सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा।
शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ममता चौधरी, जिला अधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र व कार्यक्रम संयोजिका अंतरराष्ट्रीय कत्थक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। गीतांजलि शर्मा की कत्थक गुरु उमा डोगरा के सम्मान में गुरु वन्दना की गई। भजन गायिका गायत्री शर्मा ने रे मन कृष्ण नाम कहलीजे...से शुरुआत की। महोत्सव में कलावृक्ष कत्थक केंद्र की बालिकाओं ने भी प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ममता चौधरी ने कहा कि समाज के लिए सूरदास के पद श्रेष्ठ दर्पण है। संचालन प्रमुख टीवी कलाकार श्रुति शर्मा ने किया।
भविष्य में इतिहास रचेगा सूरदास महोत्सव : गीतांजलि
कार्यक्रम संयोजिका गीतांजलि शर्मा ने बताया कि उन्होंने जो अपने गुरुओं से सीखा है वो समाज को लौटने की यह एक छोटी सी पहल थी। आज महोत्सव सबके लिए नया है, लेकिन आने वाले समय मे शास्त्रीय नृत्य और संगीत के क्षेत्र में इतिहास रचेगा सूरदास महोत्सव।