मथुरा रिफाइनरी में धमाके के बाद लगी आग की चपेट में दो अधिकारी समेत 10 कर्मचारी आए थे। आंकड़ा इससे ज्यादा भी हो सकता है। हालांकि रिफाइनरी प्रबंधन सिर्फ आठ कर्मचारियों के झुलसने होने की बात कहता रहा।
रिफाइनरी की एड्रिकफेरिक वैक्यूम यूनिट (एवीयू) को मंगलवार शाम सात बजे आग लगी थी। रिफाइनरी प्रबंधन आग में झुलसे प्लांट के प्रोडक्शन मैनेजर राजीव अग्रवाल, प्रोडक्शन मैनेजर समीर श्रीवास्तव, कर्मचारी इरफान, हरिशंकर, मूलचंद, सत्यभान, संतोष, अजय शर्मा का ही नाम उजागर किया था।
हालांकि अन्य दो के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इसमें धाना तेजा के हरेंद्र और अगमपुरा के मुकेश भी झुलसे थे। सत्यभान, मूलचंद, हरेंद्र और मुकेश फरीदाबाद स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार, इरफान की हालत नाजुक बताई जा रही है। वह फिलहाल दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।
पीआरओ रिफाइनरी रेनू पाठक ने बताया कि हादसे में करीब आठ कर्मचारी झुलसे हैं। कई का इलाज अपोलो में चल रहा है। इनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली रेफर किया गया था। हरेंद्र और मुकेश अगर फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल में भर्ती है तो इसकी जानकारी की जाएगी।