मुंबई में अपने ड्राइवर के साथ मिलीं सेना की मेजर डॉ. रहमानी को मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में दिए गए बयानों में उन्होंने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए।
मेजर ने बताया कि पति दानिश उसे और उसके बच्चों के साथ मारपीट करता था। सिगरेट से दागता था। 13 लाख रुपये की मांग पूरी न कर पाने और स्कार्पियो उसके नाम न करने पर टॉर्चर करता था।
ड्राइवर द्वारा अपहरण कर बंधक बनाए जाने के आरोप को डॉ. रहमानी ने खारिज करते हुए कहा कि जैसा हमने कहा, वैसा उसने किया। हमारे बीच नौकर और मालिक का रिश्ता है।
डॉ. रहमानी ने 2008 में मेरठ के दानिश चौहान से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद सब कुछ ठीक चल रहा था। अचानक ऐसा मोड़ आया कि सब कुछ बदल गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया।
डॉ. रहमानी स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश हुईं, इसके बाद एसीजेएम (कोर्ट संख्या प्रथम) में उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए। इसके बाद मीडिया से बचती हुईं कार से कैंट एरिया की ओर रवाना हो गईं।
डॉ. रहमानी के एडवोकेट संजीव गुर्जर के मुताबिक डॉ. रहमानी और उनके बच्चों की पीठ पर सिगरेट से दागने के निशान हैं। हालांकि दानिश चौहान आरोपों को बेबुनियाद बताता रहा है।
डॉ. रहमानी ने बताया कि मई में जब वह घर से निकलीं, तो बहुत तनाव में थी। दोनों बेटों के साथ स्कार्पियो से दिल्ली तक गईं। रास्ते में कई जगह एक्सीडेंट होने से भी बचा।
तब उसने ड्राइवर पवन वेलसन और उसकी पत्नी ज्योति को फोन करके बुलाया। पवन को इसलिए बुलाया, ताकि वह ड्राइविंग कर सके, जबकि ज्योति को बच्चों की देखभाल के लिए बुलाया गया था।
पवन से नौकर और मालिक वाला रिश्ता
डॉ. रहमानी ने स्पष्ट किया है कि पवन वेलसन से उनका नौकर और मालिक वाला ही रिश्ता है। कहा कि मैं पति दानिश चौहान के अत्याचार की वजह से तनाव में थी।
पवन ने उस पर कोई तंत्र मंत्र नहीं किया और न ही उसका अपहरण किया। वह जो कहती रही, पवन वैसा ही करता रहा।
एडवोकेट संजीव गुर्जर ने बताया कि दानिश चौहान को जब यह मालूम चला कि पवन ने उनकी मदद की है, तो उसी से खिन्न होकर पवन के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया गया।
वकील संजीव गुर्जर के मुताबिक डॉ. रहमानी पर पति दानिश चौहान 13 लाख रुपये और स्कार्पियो की मांग पूरी न होने पर अत्याचार करता था।