फोटो 21 बीआरसी जागीर पर टेट अनिवार्यता की विरोध में प्रदर्शन करते शिक्षक- शिक्षिकाएं। स्रोत संग
मैनपुरी। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की बैठक सत्यवीर सिंह की अध्यक्षता में बीआरसी जागीर में बृहस्पतिवार को हुई। बैठक के बाद शिक्षकों ने ईमेल एवं पोस्टकार्ड के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री आदि को पाती भेजी। इसमें आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की।
बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगा। ब्लॉक अध्यक्ष योगेश यादव ने कहा कि 20-25 वर्ष की नौकरी के उपरांत टीईटी की अनिवार्यता न्यायसंगत नहीं है। ब्लॉक मंत्री दीप कुमार राजपूत ने कहा कि जीवन के इस पड़ाव में टीईटी के भार से शिक्षक अपनी जीविका के प्रति चिंतित हैं। बैठक में पुष्पेंद्र अग्निहोत्री, अशोक पाल, अशोक शंखवार, भगवान शर्मा, राजपाल श्रीवास्तव, विमलेश, राजीव आदि मौजूद रहे।
पहले से नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपना अन्यायपूर्ण
बेवर। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में ब्लॉक बेवर के शिक्षक जीटीरोड स्थित डाकघर पर एकत्रित हुए। यहां सैकड़ों शिक्षक- शिक्षिकाओं ने पत्राचार के माध्यम से शासन और प्रशासन अपना विरोध पत्र भेजा। अखिल भारतीय महासंघ के जिला संयोजक सुजीत चौहान ने कहा कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षक शिक्षिकाओं पर टीईटी थोपा जाना बहुत ही अन्यायपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह लड़ाई शिक्षकों के अस्तित्व की लड़ाई है, इसे हमें हर मोर्चे पर लड़ना होगा। इस लड़ाई में हम सब शिक्षक एक साथ हैं और मिलकर हर मोर्चे पर इस लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार है। इस अवसर पर जिला संयोजक नरेंद्र कुमार, राजवीर शाक्य, सुनीता कुमारी, मोहम्मद आरिफ, अतुल दिक्षित, ओमेंद्र नारायण सिंह, महेंद्र शाक्य, इंद्रेश यादव आदि मौजूद रहे।