नहीं पहुंची एंबुलेंस, टालमटोल करते रहे सीएमएस
कोतवाल फतेहबहादुर ने मौके से करीब तीन बार 108 सेवा को कॉल किया लेकिन फोन नहीं लगा। इस बीच उन्होंने सीएमएस जिला अस्पताल से भी फोन पर बात की और एंबुलेंस भेजने के लिए कहा लेकिन सीएमएस बार-बार यही करते रहे कि 108 या 102 पर कॉल करो। तब कोतवाली ने अपनी गाड़ी भेजकर जिला अस्पताल के सामन से एक निजी एंबुलेंस बुलाई। लेकिन प्रसव होने के कारण महिला को ई-रिक्शा से ही 400 मीटर दूर साै सैया अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों की देखरेख में नवजात का नाल काटा गया और मां-बच्चे दोनों को भर्ती किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
लोगों ने की पुलिस की सराहना
कचहरी रोड पर महिला थाना प्रभारी और पुलिस टीम की सजगता और मानवता की हर कोई प्रशंसा कर रहा था। महिला की लाज बचाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों ने साड़ी से पर्दा कर सुरक्षा घेरे में प्रसव कराया। कोतवाल और महिला थानाध्यक्ष तब तक मौके पर डटे रहे जब तक महिला को सुरक्षित अस्पताल नहीं पहुंचा दिया गया। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही सौ शैया अस्पताल के सीएमएस से बात की। जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। परिजन ने एंबुलेंस सेवा को कॉल किया था कि नहीं इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
ये भी पढ़ें-
Diwali 2025: बंदनवार, लटकन और रंगोली से सजेगा घर...14,000 रुपये की तोरण; जानें क्या है खासियत