मैनपुरी। दिल्ली में एनालिस्ट युवती से दुराचार करने के मामले में कोर्ट ने शिवकुमार को दोषी करार दिया है। जब इस संबंध में गांव रामनगर में रहने वाले शिवकुमार के परिवारीजनों से बात की तो बड़े भाई लवकुश ने कहा कि जो जैसा करेगा उसे वैसा ही भरना पड़ेगा।
शिवकुमार से हमारा कोई संबंध नहीं है। वह वर्षों से दिल्ली में रह रहा है।
दिल्ली में उबर कैब में एनालिस्ट युवती से दुष्कर्म का आरोपी शिवकुमार थाना एलाऊ के ग्राम रामनगर का निवासी है। उसके पिता रामनाथ सिंह व एक भाई लवकुश उसकी पत्नी और पांच बच्चे अभी भी गांव में रहते हैं। मंगलवार को जब ‘अमर उजाला’ के संवाददाता गांव पहुंचे तो लवकुश और उनकी पत्नी जानवरों का चारा लेकर खेत से आ रहे थे। शिवकुमार के बारे में पूछते ही दोनों का गुबार फट पड़ा। लवकुश ने जहां यह कहा कि जैसा करेगा उसे वैसा ही भरना पड़ेगा। वहीं उनकी भाभी तो मानो आपा ही खो बैठीं।
उनका कहना था कि करा शिवकुमार ने और भरना हमें पड़ रहा है। यदि उनके बारे में पूछना है तो दिल्ली जाओ। हमारे से उसका कोई लेना देना नहीं है। काफी देर चुप रहने के बाद लवकुश ने पूछा कि शिवकुमार को क्या सजा हुई है। उसे इसकी जानकारी ही नहीं थी। जब बताया गया कि अभी सजा नहीं हुई है सिर्फ कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इसके बाद उनका कहना था कि कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी में ऐसा नहीं कर सकता है। जबकि उसकी बीबी और दो बच्चे साथ रहते हों।
उनका कहना है कि गरीब होने के कारण वह शिवकुमार की पैरवी नहीं कर सके। इसके चलते उसे सजा हुई है। वहीं घर पर जब पिता रामनाथ के बारे में पूछा तो बताया गया कि वह कुसमरा रिश्तेदारी में गए हुए हैं। शिवकुमार ने बताया कि भाई के कृत्य से पूरे गांव में परिवार को शर्मिंदा होना पड़ा है। इसके बाद वह फिर चुप हो गए। काफी पूछने पर भी उन्होंने इसके बाद किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया। सिर्फ यही दोहराया कि जो करेगा सो भरेगा ही।
पूर्व में भी लगा था दुष्कर्म का आरोप
मैनपुरी। दिल्ली में दुष्कर्म का आरोपी थाना एलाऊ क्षेत्र के ग्राम रामनगर निवासी शिवकुमार पहले भी इस प्रकार की वारदात कर चुका है। 2013 में ही उस पर थाना एलाऊ क्षेत्र के एक ग्राम की लड़की से दुष्कर्म लगाने का आरोप लगा था। थाना पुलिस ने जांच के बाद 2013 में ही उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। वर्तमान में वह जमानत पर चल रहा है।
परिवार में सबसे छोटा है शिव कुमार
मैनपुरी। शिवकुमार के पिता रामनाथ सिंह यादव रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनके छह बेटे बेटियां हैं। इनमें चार बेटे और दो बेटियां हैं। शिवकुमार सबसे छोटा है। सबसे बड़े भाई राकेश की आठ साल पहले हादसे में मौत हो चुकी है। वहीं दूसरे नंबर के भाई कुंवर पाल सिंह भी चार साल पहले ही मौत हो गई है। वहीं तीसरे नंबर का भाई लवकुश मंदबुद्धि है। शिवकुमार सबसे छोटा है। इसके अलावा दो बहनों की शादी क्रमश: मथुरा और एटा में हुई है।
क्राइम हिस्ट्री
शिव कुमार
2003 354/523 में रिपोर्ट
2003 गुुंडा एक्ट की कार्रवाई
2006 आर्म्स एक्ट में कार्रवाई, लूट की थी वादी नहीं आया।
2008 110 जी में पाबंद, साल भर के लिए
2009 गुंडा एक्ट में फिर कार्रवाई
2013 354 में कार्रवाई