सोमवार दोपहर को बालू से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर जेल की दीवार से टकरा गया। इससे जेल की दीवार टूट गई। जानकारी होते ही जेल और जिला प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में टूटी हुई दीवार का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। जेल अधीक्षक का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है। दीवार का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
दोपहर लगभग 12 बजे बालू से भरा एक ट्रक दीवानी से जेल चौराहे की ओर आ रहा था। तभी अनियंत्रित होकर वह जेल की दीवार में घुस गया। इससे जेल की बाहर वाली ऊंची दीवार टूट गई। इसकी जानकारी होते ही जिला जेल के प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर फोर्स पहुंच गया। वहीं जिला जेल के अधिकारी भी पहुंच गए। पुलिस ने ट्रक चालक को पकड़ लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के बाद जब अधिकारियों को यकीन हो गया कि यह महज एक हादसा है कोई साजिश नहीं तो उन्होंने राहत की सांस ली। इसके बाद अधिकारियों ने मिस्त्री और मजदूर बुलाकर जेल की टूटी हुई दीवार की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया। देर शाम तक दीवार की मरम्मत का कार्य चल रहा था।
इस संबंध में जब जेल अधिक्षक वीके सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह जेल की बाहर वाली दीवार टूटी है। जिन बैरकों में बंदी रहते हैं वहां की दीवार सुरक्षित है। ऐसे में कोई चिंता की बात नहीं है।
हो सकती थी बड़ी घटना
मैनपुरी (ब्यूरो)। जिला जेल की बाहर वाली दीवार काफी ऊंची है। जबकि अंदर वाली दीवार कम ऊंची है। ऐसे में यदि कैदियों को दीवार के टूटने की जानकारी हो जाती तो कुछ भी हो सकता था। विदित रहे कि जिला जेल में दो दीवारे हैं। अंदर वाली दीवार की ऊंचाई कम है। जबकि बाहर वाली दीवार अधिक ऊंची है। वहीं जिस ओर से ट्रक घुसा है वह नदी की ओर का सुनसान इलाका है। ऐसे में दीवार टूटने बाद वहां से कुछ भी हो सकता है।