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हरियाणा की शराब पर लेबल यूपी का दो को किया गिरफ्तार, आठ की तलाश

Wed, 26 Oct 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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शराब - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मोहल्ला अग्रवाल में शराब बनाने और बेचने का अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा था। इसका खुलासा मंगलवार की देर रात पुलिस ने किया। मौके से पकड़े गए दो युवकों ने पूछताछ में शहर के एक बड़े शराब कारोबारी और सपा से जुड़े रहे एक नेता का नाम लिया है। पुलिस उनके बयान की जांच कर रही है। जबकि पकड़े गए युवकों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं आठ अन्य नामजदों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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 मंगलवार देर रात शहर के बीचोंबीच एक मकान पर पुलिस ने छापा माराकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब पकड़ी। इसमें कुछ शराब दूसरे प्रांतों की थी तो कुछ मौके पर ही मकान के तहखाने में बनाई जा रही थी। यहां से पुलिस ने दो युवकों को पकड़ा। पुलिस ने एक के बाद एक छह मकानों में छापा मारा तो अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। सभी मकानों के तहखानों से लेकर छत तक अवैध शराब भरी हुई थी। बड़े ब्रांडों के रेपर और खाली बोतलें भी मिलीं। आरोपी घर में शराब बनाकर उसे बोतलों में भरकर बड़े ब्रांडों के रेपर चिपकाकर बेचता था। एक घर में तो अलमारियों को खोलने पर गुप्त रास्ते और उसके पीछे तहखाना मिला। घरों में शराब बनाने और पैकिंग के उपकरण तक मिले। कार्रवाई में करीब एक करोड़ रुपये की शराब और कच्चा माल बरामद हुआ। पुलिस ने कुल दस लोगों को खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें अनुज गुप्ता, देवेश गुप्ता, सौरभ, गौरव, सचिन, पवन, रामविलास, दिनेश, राजेश और प्रबल प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं। मौके से गिरफ्तार अनुज और देवेश को जेल भेज दिया है। एएसपी शिष्यपाल सिंह का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। सभी पांच मकानों को सील कर दिया गया है। पांचों ही मकान बड़े ही आलीशान हैं। इनमें से ही शराब का धंधा करने वाला रहता है। वहीं मौके पर कार्रवाई के दौरान बड़े ब्रांडों की शराब देख पुलिसकर्मी खुद को रोक नहीं पाए और अधिकारियों से नजर बचाकर रात में कमरों और छतों पर कोने में जाकर शराब पीने लगे। कई ने तो जेबों और शर्ट में बोलते भर लीं।

सत्ताधारी दल के नेता फिर निशाने पर
मैनपुरी। शराब के बड़े खेल और शहर के बीच में शराब का धंधा करने के खुलासे के बाद सत्ताधारी दल के नेता एक बार फिर निशाने पर आ गए हैं। सूत्रोें की मानें तो पकड़े गए दोनों युवकों ने पुलिस के पहुंचने पर सबसे पहले सत्ताधारी दल के करीबी रहे एक नेता और शहर में रहने वाले शराब के एक बड़े कारोबारी का नाम लेकर पुलिस को दबाव में लेने की कोशिश की थी। पहले तो अधिकारी दबाव में आ गए लेकिन बाद में ऊपर बात करने और वर्तमान में चल रही सत्ता की हवा को देख उन्होंने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
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शराब के सात ठेके हैं
शराब बनाने के आरोपी रामनिवास और उसके साथियों के नाम जिले भर में अंग्रेजी शराब के सात ठेके हैं। यह ठेके करहल चौराहा, घिरोर, भोगांव, बेवर, गोला बाजार, सिंधिया तिराहा और आवास विकास में हैं। अवैध रूप से आई और बनाई गई अधिकांश शराब यहीं पर बिकती थी।
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