बस की टक्कर से घायल होने पर गंभीर हालत में उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे मैनपुरी के करहल के गांव खिरोंगी निवासी 12वीं के छात्र अर्चित की बस की चपेट में आने से मौत हो गई। सोमवार देर शाम अर्चित का शव उनके गांव खिरोंगी पहुंचा। मंगलवार सुबह गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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अर्चित के चचेरे भाई सुशील यादव ने बताया कि पिता पूर्व सैनिक दलबीर सिंह यादव और उसकी मां मुनीशा अपने बेटे को पढ़ाने के लिए कोटा में ही किराये के मकान मे रह रहे थे। दो फरवरी को अर्चित अपने पिता की मोटरसाइकिल पर बैठकर थाना भीमगंज एरिया मे कैंट क्षेत्र मे कुछ जरुरी सामान खरीदने जा रहा था।
रास्ते में उसके पिता सड़क किनारे रुक कर लघुशंका करने लगे, तभी सड़क पर आ रही तेज रफ्तार बस के चालक ने बाइक के पास खड़े अर्चित को रौंद दिया। गंभीर हालत में उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अर्चित का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
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इंजीनियर बनाना चाहता था अर्चित
अर्चित के परिजन का कहना है अर्चित अपने मां-बाप का सबसे छोटा बेटा था। बचपन से ही उसका पढ़ाई में मन लगता था। वह इंजीनियर बनना चाहता था। इसके लिए वह कोटा में ही पढ़ाई कर रहा था। 12वीं के साथ ही जेईई की तैयार कर रहा था।