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सराफा बाजार में आई रौनक

Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
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मैनपुरी। सराफा बाजार में अचानक रौनक बढ़ गई है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में सराफा बाजार सोने के आभूषणों से सजने लगे हैं। 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सराफा कारोबारियों ने विशेष इंतजाम किए हैं। खरीद पर ऑफर और गिफ्ट की व्यवस्था की गई है। पिछले वर्ष अक्षय तृतीया पर करीब तीन किलो सोने की बिक्री हुई थी। वहीं इस बार करीब चार किलो सोने की बिक्री का अनुमान लगाया जा रहा है।
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अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने को लेकर लोगों में उत्साह तो है लेकिन महंगाई के चलते कुछ लोग सोना खरीदने की औपचारिकता का निर्वहन करने पर विचार कर रहे हैं। पिछले वर्ष सोने के दाम इन दिनों जहां 26500 रुपये प्रति दस ग्राम थे वहीं शनिवार को सोने के दाम 27100 रुपये प्रति दस ग्राम रहे। सराफा व्यवसायियों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन सोने के दाम में और उछाल आ सकता है। अक्षय तृतीया के लिए सराफा बाजार सजकर तैयार है। बाजार में हर आयवर्ग को देखते हुए विभिन्न डिजायनों के कलात्मक आभूषण बाजार में उतारे गए हैं। सोने की चेन एक ग्राम और अंगूठी दो ग्राम तक की बाजार में है। सराफा व्यवसायी आशीष वर्मा के अनुसार आम आदमी के लिए कम वजन के आभूषण विशेष रूप से तैयार कराए गए हैं।
गृहणी ममता सिंह का कहना था कि अक्षय तृतीया पर सोना तो जरूर खरीदेंगी लेकिन महंगाई के चलते इस बार पांच ग्राम ही सोना खरीदेंगी। जबकि उन्होंने पिछले साल दस ग्राम सोना खरीदा था। कम वजन के आभूषण ही इस महंगाई के दौर में खरीदे जा सकते हैं। अपर्णा सिंह का कहना था कि वर्ष भर में न जाने कितना खर्चा होता है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने में कंजूसी नहीं करेंगी। सोना वैसे भी लाभ का सौदा है। सोने के दाम कम होने की नहीं बढ़ने की ही उम्मीद है। सरिता सक्सेना ने कहा कि अब सोना खरीदना आसान नहीं रहा। मार्च के बाद से खर्चे ही खर्चे होते हैं। इस बार अक्षय तृतीया पर वह सोना खरीदने की औपचारिकता ही पूरी करेंगी। जबकि कोमल ने कहा कि अक्षय तृतीया पर सोना जितना संभव होगा जरूर खरीदेंगी।
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सोना खरीदना और सत्तू खाना शुभ
अक्षय तृतीया को सर्वसिद्धि योग भी कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित जागेश्वर दयाल पांडेय ने बताया कि पूरे वर्ष में कोई भी तिथि क्षय हो सकती है लेकिन वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया कभी भी क्षय नहीं होती। इसी कारण इस दिन किए गए हवन, दान, जप या साधना का फल अक्षय (संपूर्ण) होता है। अक्षय तृतीया लक्ष्मी सिद्धि दिवस है। इस दिन खरीदा गया कीमती सामान अच्छी किस्मत लाने के लिए माना जाता है। सोने की खरीद एक लोकप्रिय गतिविधि है। अक्षय तृतीया परम धन और समृद्धि का प्रतीक है। अक्षय तृतीया को सोना खरीदना और सत्तू खाना शुभ होता है। सोने में कलियुग का वास होता है लेकिन अक्षय तृतीया को खरीदने से परिवार में संपन्नता रहती है। इस दिन गंगा स्नान और सत्तू के दान का भी विशेष महत्व है। स्नान और सत्तू दान से भगवान की विशेष कृपा होती है।

शादी-समारोहों की रहेगी धूम
अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन जिले भर में शादियों की धूम रहेगी। एक अनुमान के मुताबिक अक्षय तृतीया दिन जिले में 500 से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। अक्षय तृतीया के लिए महीनों पूर्व मैरिज होम और धर्मशालाएं बुक करा ली गईं हैं। जो पिछड़ गए हैं उन्हें स्कूल-कालेजों और सड़कों पर ही पांडाल लगाकर शादी की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
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