दमकल विभाग पहले से ही उपकरणों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। सीमित संसाधनों के बीच नगर में अगिभनकांड की किसी भी घटना को लेकर नगर पालिका के फायर हाईड्रेंड पाइंट जमींदोज हो चुके हैं। वहीं नौ नलकूप की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं हैं। किसी भी स्थिति में महज पांच नलकूप से ही दमकल को पानी मिल सकता है। बाकी चार नलकूप बदतर हालात में हैं। दीपावली के त्योहार में पटाखों की बिक्री और भंडारण शुरू हो चुका है। अगर कोई बड़ा हादसा होता है तो दमकल विभाग के सामने निपटना बड़ी चुनौती होगी।
जिले में इस वर्ष अगिभनकांड की घटनाओं ने बीते 10 वर्षों की अपेक्षा अधिक कहर बरपाया है। अभी तक 110 से अधिक अगिभनकांड की घटनाओं में करोड़ों का नुकसान हुआ है। वहीं अक्तूबर के माह में दीपावली के पर्व को लेकर कारोबारियों ने आतिशबाजी का स्टाफ चोरी छिपे रिहायशी इलाकों में भी बना रखा है। कई स्थानों पर आतिशबाजी की बिक्री भी शुरू हो गई है। वहीं पर्याप्त संसाधन और स्टाफ के अभाव में दमकल विभाग काम तो कर रहा है, लेकिन अगर शहर में अगिभनकांड की बड़ी घटना होती है तो काबू के लिए पर्याप्त फायर हाईड्रेंड पाइंट उपलब्ध नहीं हैं।
नगर पालिका ने 11 फायर हाईड्रेंड पाइंट की जो सूची विभाग को सौंपी है उसकी जांच में सभी पाइंट जमीन के कई फीट नीचे दबे हुए हैं। इनसे पानी मिलना नामुमकिन है। वहीं किसी भी बड़ी घटना के समय नलकूपों का सहारा भी लिया जाए तो महज पांच नलकूप ही कार्यशील हैं। इसके अतिरिक्त चार नलकूप पर कपलिंग न होने से पानी का मिलना संभव नहीं है।
विभागीय अधिकारी अब सोच रहे हैं कि हादसे के समय पानी की आवश्यक व्यवस्था किस तरह और कहां से की जाए। क्योंकि नगर पालिका ने तो जल स्त्रोत के नाम पर सूची थमाकर हाथ खडे़ कर लिए हैं।
जमींदोज फायर हाईड्रेंड पाइंट
- मदार दरवाजा
- मोहल्ला कटरा
- नगर पालिका के समीप
- बजाजा बाजार
- आगरा रोड
- आगरा गेट चौकी के समीप
- कोर्ट रोड गांधी आश्रम के समीप
- कोर्ट रोड तांगा स्टेंड के समीप
- रोडवेज बस स्टेशन
- नगला पजाबा
- भांवत चौराहा
निष्क्रिय नलकूप (कपलिंग नहीं है)
- कलक्ट्रेट स्थित ट्यूबवेल
- देवी रोड पुरंग अस्पताल के समीप
- आवास विकास कालोनी
- मोहल्ला अवध नगर
- मोहल्ला छपट्टी कपलिंग नहीं हैं
कार्यशील नलकूप (कपलिंग है)
- करहल चौराहा पर लगा नलकूप
- श्रृंगार नगर में लगा नलकूप
- लोहिया पार्क के समीप
- शमशान घाट के समीप लगा नलकूप