मैनपुरी। थाना कुर्रा क्षेत्र में जमीन के विवाद में शिक्षक पर दर्ज फायरिंग मामले को पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने मनगढ़ंत बताया। रविवार को ईशन नदी पुल स्थित होटल में प्रेसवार्ता कर कहा कि कुछ लोग यादव वर्ग को निशाना बना रहे हैं, जबकि दर्ज कराए गए मामले की हकीकत कुछ और है। न्यायालय ने शिक्षक पक्ष के प्रार्थना पत्र पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले शिक्षक रणवीर सिंह ने जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करने आ रहे लोगों को रोकने के लिए आत्मरक्षार्थ हवाई फायरिंग की थी। जिसका वीडियो वायरल हुआ और उनके व अन्य के खिलाफ कुर्रा थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। मामले को इस तरह से तूल दिया गया कि अनुसूचित जाति के लोगों के साथ यादव वर्ग के लोगों ने अन्याय किया है। जबकि घटना की हकीकत कुछ और है। रणवीर की एक बैनामाशुदा भूमि गांव धरमंगदपुर में है, 12 अप्रैल 2017 से उस पर कब्जा दखल चला आ रहा है।
4 जून की दोपहर रामवरन, राजनश्री, धर्मेंद्र, भानु प्रताप निवासी गांव रैपुरा असलहे, डंडा लेकर आए। अपने साथ सूरज कुमार कर्ण जिलाध्यक्ष भीम आर्मी कन्नौज, प्रदेश सचिव भीम आर्मी आलोक यादव, अभिषेक व करीब 250 लोगों को लाए। उनकी बैनामाशुदा जमीन पर ट्रैक्टर से जोताई की और नींव उखाड़ने लगे। विरोध करने पर रामवरन ने तमंचे से रणवीर पर फायर किया। जब इस मामले में पुलिस को तहरीर दी तो प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद रणवीर की पत्नी शीला देवी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायालय ने थानाध्यक्ष कुर्रा को सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।