मैनपुरी। जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनपद में फार्मर रजिस्ट्री की खराब प्रगति पर चिंता जताई। प्रदेश में 74वें स्थान पर होने के कारण उन्होंने सुधार के निर्देश दिए। अब आगामी एक माह तक विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।
सोमवार को जिलाधिकारी ने सदर और भोगांव तहसील के लेखपालों, कृषि तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रगति सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों को भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का आधार है। सभी लेखपाल अपने क्षेत्र की क्लेम-अनक्लेम, मृतक, डबल और अज्ञात व्यक्तियों की सूची तैयार करें।
अवशेष लोगों के अंश निर्धारण के 72 घंटे बाद फार्मर रजिस्ट्री कराएं, फिर मृतक के वारिशान दर्ज कर रजिस्ट्री हो। प्रत्येक लेखपाल को अपने क्षेत्र के लिए माइक्रो-प्लान और गांववार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि केवल लेखपालों के भरोसे लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। इसलिए पंचायत सहायकों, कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों और स्थानीय शिक्षित युवाओं को सहयोगी के रूप में जोड़ा जाए। ग्राम प्रधानों के सहयोग से तकनीकी कार्यों में सहयोग करने वाले युवाओं का चयन किया जाए।
लेखपालों को प्रत्येक राजस्व गांव में दो सूचियां तैयार करने को कहा गया। एक सूची पूर्ण रजिस्ट्री वाले किसानों की होगी और दूसरी लंबित पंजीकरण वालों की। दोनों सूचियों का मिलान कर डुप्लीकेट नामों की जांच की जाएगी। मिलान से प्राप्त मामलों को डी-प्लस, मृतक किसान, डुप्लीकेट प्रविष्टियां और अनट्रेसेबल व्यक्तियों की चार श्रेणियों में बांटा जाएगा। प्रत्येक श्रेणी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।