फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: मोबाइल तोड़ने पर किशोरी ने दी जान...बेटी के बात करने पर मां को सताता था ये डर, पिता ने भी बना ली थी दूरी

Wed, 23 Apr 2025 07:18 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में एक किशोरी ने इस बात पर जान दे दी कि मां ने उसका मोबाइल तोड़ दिया। किशोरी मोबाइल पर किसी से बात करती रहती थी। वह ननिहाल में रहती थी। पिता ने भी परिवार से दूरी बना रखी थी।
विज्ञापन
मृतका का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मैनपुरी के थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव अनूपपुर स्थित ननिहाल में रह रही 16 वर्षीय किशोरी ने मां के मोबाइल फोन तोड़ने से आहत होकर फंदे से लटककर जान दे दी। किशोरी करीब तीन माह से मां के साथ ननिहाल में रह रही थी। उसकी पिता से भी बात नहीं हो रही थी। सूचना पर पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
विज्ञापन


 

बरनाहल क्षेत्र के गांव बहसी निवासी राम लड़ैते का पत्नी से विवाद चल रहा है। इसके चलते पत्नी मायके (अनूपपुर, कुर्रा) चली आई थी। करीब ढाई माह पहले 16 वर्षीय पुत्री संध्या भी मां के पास अनूपपुर स्थित ननिहाल आ गई। पुलिस को परिजन से मिली जानकारी के अनुसार संध्या अक्सर फोन पर ही बातें करती थी। इससे मां को लगता था कि बेटी गलत रास्ते पर जा रही है। मां ने कई बार मना किया तो भी संध्या ने फोन पर बातचीत करना जारी रखा।

ये भी पढ़ें- UP: अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इन चार शब्दों में बयां की ताज की खूबसूरती...देखें ये शानदार तस्वीरें

मंगलवार को मां ने मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया। संध्या की पिटाई भी कर दी। इस बात से क्षुब्ध होकर संध्या ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। जानकारी पर घर में अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने मौत का सही कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

 

मां और पिता के बीच के तनाव में घुट रही थी संध्या
गांव बहसी की रहने वाली 16 साल की संध्या जब महज 3 साल की थी। तभी से उसने माता-पिता के बीच लड़ाई झगडे़ होते देखे थे। विवाद इतना बढ़ा की मामला कोर्ट तक पहुंचा और न्यायालय में दहेज प्रताड़ना का केस भी चला। तभी से पति पत्नी के बीच नहीं बन रही। समझौता होकर संध्या की मां घर तो आ गई। 

ये भी पढ़ें-UP: ताजमहल को लेकर अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने पूछे ये  तीन सवाल, बच्चों ने पूछा- कैसे लाए गए थे इतने भारी पत्थर

मगर, न तो पिता और न ही मां ने संध्या की ओर कोई ध्यान दिया। यही वजह रही कि संध्या की जिंदगी में भटकाव आ गया और उसने मोबाइल को ही अपना साथी बना लिया। इस पर शुरू में न तो मां ने ध्यान दिया और न ही पिता ने बेटी की परवरिश को लेकर कोई सुध ली। नतीजा संध्या भटक गई और जब मां ने उसके खालीपन का साथी मोबाइल तोड़ दिया और पिटाई की तो उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

 

बेटी की मौत की खबर सुनकर ससुराल नहीं गया पिता
राम लडै़ते को जब बेटी संध्या की मौत के बारे में पता चला तो वह दुखी हो गया। मगर, बेटी का अंतिम बार चेहरा देखने के लिए भी वह अपनी ससुराल अनूपपुर नहीं गया। शव जब पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचा तो राम लडै़ते वहां पर आया। ग्रामीणों की मानें तो पत्नी की ओर से केस दर्ज होने के बाद से ही राम लडै़ते ससुराल नहीं आता था। पत्नी और बच्चे अधिकतर समय अनूपपुर में ही रहते थे।

 

बहन को खोने के गम में उदास नितिन
मां और पिता के बीच पनपी दूरियों से सिर्फ संध्या ही प्रभावित नहीं हुई थी। बल्कि संध्या का 8 साल का भाई भी सहमा हुआ रहता था। वह कुछ समय पिता के साथ तो अधिकतर समय मां के साथ ननिहाल अनूपपुर में रहता था। बहन संध्या उसे बेहद प्यार करती थी। जिस वजह से वह बहन के बेहद करीब था। संध्या के इस तरह से चले जाने के बाद नितिन का चेहरा उदास हो गया है।

 
विज्ञापन

थाना कुर्रा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह ने बताया कि पुलिस ने गांव जाकर जांच की और लोगों से पूछताछ की तो पता लगा कि संध्या का मोबाइल मां ने तोड़ दिया था। उसे पीटने के बात भी सामने आई है। संभवत: इसी से क्षुब्ध होकर उसने खुदकुशी की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही वजह पता लग सकेगी। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें