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खरीफ की प्याज से किसान उठाएं अतिरिक्त लाभ

Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
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मैनपुरी। पूर्व में आलू और लहसुन की फसल में घाटा उठा चुके किसान खरीफ के प्याज का उत्पादन करके अधिक लाभ कमा सकते हैं। खरीफ के प्याज के लिए रोपाई मध्य जून से जुलाई के अंतिम सप्ताह तक कर देनी चाहिए। एक हेक्टेयर भूमि में 200-275 क्विंटल तक प्याज की उपज हो सकती है।
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जिला कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर जगदीश मिश्र के अनुसार खरीफ के प्याज के उत्पादन से किसान पांच गुना अधिक शुद्ध लाभ कमा सकते हैं। खरीफ के प्याज का एग्रीफाउंड डाक रेड एन53 तथा अल्का कल्यान बीज उत्तम है। सबसे अच्छी प्रजाति एग्रीफाउंड डाक रेड है। इस प्याज की पैदावार 200 से 275 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। यह फसल 140 से 145 दिनों में तैयार हो जाती है। खरीफ के प्याज की रोपाई का उपयुक्त समय मध्य जून से जुलाई का अंतिम सप्ताह है। रोपण करते समय ध्यान रखें कि पौधे-पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर और लाइन से लाइन की दूरी 15 सेंटीमीटर होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्याज में चार टन गोबर की खाद प्रति बीघा के हिसाब से खेत में डालनी चाहिए। रोपाई से पहले 10 किलो यूरिया, 30 किलो सिंगल सुपरफास्फेट, 10 किलो क्यूरेट ऑफ पोटाश खेत में डालनी चाहिए। पांच किलो यूरिया रोपाई के 30 दिन बाद, पांच किलो यूरिया रोपाई के 45 दिन बाद डालनी चाहिए। प्याज में गलका रोग लगने पर एक ग्राम कार्बेडाजिम प्रति लीटर पानी में मिलाकर जड़ों के पास जमीन की सतह पर 15 दिन के अंतर पर छिड़काव करें। बैगनी धब्बा के लिए मैंकोजेव 25 प्रतिशत 2.5 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी में अथवा कॉपर आक्सीक्लोराइड तीन ग्राम दवा प्रति लीटर पानी के हिसाब से 15 दिन के अंदर पर तीन या चार छिड़काव करें।
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