सूरमाओं की सियासत से समाजवादी पार्टी के दोनों धड़ों में बेचैनी है। प्रोफेसर रामगोपाल यादव का पत्र वायरल होेने के बाद सुबह से ही टीवी से चिपके पार्टी के नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। सुबह शिवपाल और दोपहर बाद रामगोपाल के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई ने जिले के सपा नेताओं के होश उड़ा दिए हैं। उनकी नजर अब सपा मुखिया के फैसले पर टिकी हुई है।
जिले के अधिकांश सपा नेता पहले से शिवपाल और रामगोपाल के खेमों में बंटे हुए हैं। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे सपा नेता पिछले दिनों से चल रही उठापटक से असमंजस की स्थिति में हैं। कोई भी नेता पहले से ही कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था।
रविवार को पार्टी के सूरमाओं की सियासत से अब दोनों धड़ों में दहशत छा गई है। जिले के अधिकांश सपा नेता सैफई परिवार से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। पार्टी में कद्दावर नेताओं के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई के बाद जिले के नेता मौन साध गए हैं। नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले मास्टर माइंड नेता बड़े नेताओं को गुमराह कर रहे हैं। उनको पार्टी की नहीं अपने भविष्य की चिंता सता रही है। पार्टी में वहीं निर्णय अंतिम और मान्य होगा जो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव लेंगे।
वहीं, सपा विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया का कहना है चुनाव के समय परिवार के बीच चल रही अंतर्कलह से मैं तथा सपा का कार्यकर्ता आहत हुआ है। वह पूरे परिवार के साथ हैं। भले ही टिकट चली जाए पर परिवार एकजुट हो जाए।
बसपा के मंडल जोन कोआर्डिनेटर दीपक पेंटर का कहना है बुरे काम का बुरा नतीजा। सपा में बुरे कर्मों का बुरा नतीजा चल रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जब इनसे परिवार नहीं संभल रहा तो प्रदेश कैसे संभलेगा।
सपा का अब जिले में ही नहीं प्रदेश में भी सफाया हो जाएगा। जो नेता अपना घर नहीं संभाल सकता वह प्रदेश को क्या संभालेगा।
संकोच गौड़, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
सपा कभी पार्टी नहीं एक गिरोह ही रही है। अब गिरोह की कमान संभालने के लिए मारामारी मची हुई है। अब जनता के पास भाजपा ही एकमात्र विकल्प बचा है।
आलोक गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
लूट की कमाई को लेकर शुरू हुआ बंटवारे का अंदर का विवाद अब बाहर आ गया है। बसपा शासन में सर्व समाज का विकास और सुरक्षा संभव है।
एसपीएस राणा, जिलाध्यक्ष बसपा
जिलाध्यक्ष बोले नो कमेंट्स
सपा की उठापटक पर जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा बोले नो कमेंट्स। पार्टी को इसका क्या नुकसान होगा बोले नो कमेंट्स, आप किस नेता के साथ हैं बोले नो कमेंट्स। अब आगे क्या हो सकता है फिर बोले नो कमेंट्स और फोन ही काट दिया।
रामगोपाल और अखिलेश ही मेरे नेता
समाजवादी पार्टी से निष्कासित एमएलसी तथा प्रोफेसर रामगोपाल यादव के भांजे अरविंद यादव का कहना है मेरे नेता प्रोफेसर रामगोपाल तथा प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव ही हैं। जैसा निर्देश मिलेगा वह करुंगा। मैं तथा मेरी पूरी टीम केवल निर्देश के इंतजार में है।