चैत्र नवरात्र महोत्सव के तहत सोमवार को देवी के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान आयोजित हवन यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर मनौतियां मांगी।
शहर के शीतला माता मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सोमवार को देवी के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। वहीं कुरावली के जीटीरोड स्थित प्राचीन मंदिर बनखंडेश्वर पर चल रहे नौ दिवसीय नवदुर्गा महोत्सव में सोमवार को श्रद्धालुओं ने स्कंदमाता की पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ का आयोजन किया।
पंडित सत्यदेव पाठक ने वैदिक मंत्रों के बीच यज्ञ में आहुतियां दिलवाईं। मंदिर के पंडित अवनेश मिश्रा ने बताया कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है। देवी-देवताओं का मुख अग्नि है। हवन के दौरान जिस देवी-देवता के नाम से आहुति दी जाती है वह उस देवी-देवता को प्राप्त होती है। जिससे देवी देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल देते हैं।
इस मौके पर अल्पना मिश्रा, पोहप सिंह पचौरी, विपिन देवी, दिनेश चंद्र सविता, संतोष कुमार गुप्ता, ममता देवी गुप्ता, राजेश प्रताप राठौर, नीतू राठौर, आशीष कुमार, शिवम मिश्रा, गौरव, नरेश कुमार, नितिन कुमार आदि मौजूद थे।