क्षेत्र के कुम्हौल में प्रसिद्ध बाबा शेगनाग मंदिर विषबेल, कंठमाला पीड़ितों का तांता लगा रहा। बुधवार को देर रात्रि तक रोगियों का नंबर न आने पर महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को मंदिर पर माथा टेका। महोत्सव के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि तीसरे दिन दोपहर दो बजे तक छह हजार रोगियों का पंजीकरण हो चुका है।
कुम्हौल के महोत्सव चल रहा है। यहां के बाबा शेगनाथ मंदिर पर ऐसी मान्यता है कि रोगी परेशानी में बाबा के दर्शन करने आता है और खुश होकर घर जाता है। श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर भक्त नाच गाकर नेजा चढ़ाते है। इस मंदिर पर बाबा के दर्शन करने के लिए हरियाणा, राजिस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब समेत कई प्रदेशों से श्रद्धालु भारी संख्या में आते है। मंदिर पर रोगियों की संख्या अधिक होने के चलते ढांक बजाकर उपचार देने वाले वैगियो की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। अधिकतर वैगियो की संख्या इटावा जनपद के हीरापुर, सफारी, बौराईन तथा नगला बाबा की है। किशनी क्षेत्र के जंगल केवल, नगला बील सहित कई गांवों के वैगी भी मौजूद रहते है।