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समान पक्षी विहार: किसानों को शासन ने दिया झटका

Fri, 06 May 2016 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट गुरुवार को प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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पिछले 26 सालों से मुआवजा की आस लगाए समान क्षेत्र के किसानों को शासन ने धीरे से बड़ी मार दी है। शासन ने निर्देश दिया है कि समान पक्षी विहार के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा वर्तमान सर्किल रेट से न देकर वर्ष 1990 के सर्किल रेट के आधार पर ही मिलेगा। साथ ही मरहम लगाते हुए किसानों को मुआवजा राशि उस समय के सर्किल रेट से चार गुना देने की बात कही है। 
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उल्लेखनीय है कि सन् 1990 में वन्य जंतु अधिनियम के तहत कटरा समान गांव क्षेत्र में पक्षी विहार बनाने की घोषणा की गई थी। इसके तहत तब सैकड़ों किसानों की 841.66 एकड़ कृषि योग्य भूमि, ग्राम समाज की 69.70 एकड़ भूमि और 365.05 एकड़ वन भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इस प्रकार 1276.41 एकड़ भूमि कुल अधिग्रहीत की गई। इसमें से कृषि योग्य भूमि का मुआवजा अभी तक संबंधित किसानों को नहीं मिला है। जबकि संबंधित विभाग के पास दो किस्तों में करोड़ों रुपया आ चुका है। इस संबंध में पिछले दिनों शासन से आए पत्र में स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। प्रभावित किसानों को 1990 के सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाएगा। इस संबंध में एडीएम सूर्यमणि लाल चंद्र का कहना है कि शासन से निर्देश जारी किए गए हैं कि समान पक्षी विहार के लिए अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा उसी समय के सर्किल रेट से दिया जाएगा।

चार गुना मुआवजा से मिलेगी थोड़ी राहत
किसानों को भूमि का मुआवजा तो 1990 के सर्किल रेट से दिया जाएगा, लेकिन इसमें राहत की बात यह है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार किसानों को उस समय के सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा। इस संबंध में एडीएम का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि उस समय समान में सर्किल रेट क्या था। इस जानकारी के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वर्तमान में है 30 लाख रुपये हेक्टेयर का सर्किल रेट
मैनपुरी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में समान पक्षी विहार के आसपास 30 लाख रुपये हेक्टेयर का सर्किल रेट चल रहा है। वहीं वर्ष 1990 में सर्किल रेट क्या था इसकी जानकारी अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक को नहीं है। आदेश आने के बाद से जिला प्रशासन सिर्फ यही जानकारी जुटाने में लगा है कि आखिर समान पक्षी विहार के लिए भूमि अधिग्रहीत किए जाने के समय वहां पर सर्किल रेट क्या था।
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