क्राइम कंट्रोल में विफल पुलिसवालों पर एक्शन
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भगवंतपुर प्रकरण में एसडीएम घिरोर का तबादला, थानाध्यक्ष औंछा व घिरोर सहित एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। थाना औंछा में दर्ज रिपोर्ट की जांच सीओ सिटी की देखरेख में कोतवाली से कराई जा रही है। दूसरी ओर, देररात वकील जगपाल की तहरीर पर औंछा थाना पुलिस ने एसडीएम घिरोर, एसओ घिरोर व एसओ औंछा के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बता दें कि थाना औंछा के गांव भगवंतपुर में 19 फरवरी को मतदान के बाद हुए बवाल में पुलिस ने वकील जगपाल यादव, लेखपाल उदयवीर यादव सहित 10 लोगों को पकड़ा था। रात में दबिश के नाम पर पुलिस ने गांव में मारपीट कर कारों सहित मंहगे सामानों की तोड़फोड़ की। 20 फरवरी को जगपाल की जमानत हो गई। लेखपाल सहित नौ लोगों को जेल भेजा गया। सांसद तेजप्रताप सिंह, विधायक सोबरन सिंह यादव, राजू यादव, आलोक शाक्य, पीसीएफ निदेशक अनुजेश प्रताप सिंह ने गांव का दौरा कर सीएम को प्रकरण की जानकारी दी। सीएम आफिस ने प्रकरण की पूरी रिपोर्ट मांगी।
दबाव में आए प्रशासन ने रविवार को कार्रवाई की। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद डीएम चंद्रपाल सिंह ने एसडीएम घिरोर मनोज कुमार सागर का तबादला कर दिया है। उनके स्थान पर शैलेंद्र कुमार भाटिया की तैनाती की गई है। एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने एसओ घिरोर जितेंद्र सिंह, औंछा सुनील कुमार सहित कांस्टेबल तुलसीराम को निलंबित कर दिया है। विनोद कुमार सिंह को एसओ औंछा, राजेश कुमार को एसओ घिरोर बनाया गया है। वकील जगपाल सिंह के शिकायती प्रार्थना पत्र पर एडीएम तथा एएसपी को प्रकरण की संयुक्त जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। औंछा में दर्ज रिपोर्ट की जांच सीओ सिटी राजेश चौधरी की देखरेख में कोतवाली से कराई जा रही है।
जांच में लेखपाल मिला निर्दोष
मैनपुरी (ब्यूरो)। भगवंतपुर प्रकरण में जेल भेजे गए लेखपाल उदयवीर सिंह यादव को पुलिस ने जांच में निर्दोष पाया है। लेखपाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने तथा घटना में शामिल नहीं होने पर पुलिस ने जेल से रिहा कराने के लिए धारा 169 की रिपोर्ट में कोर्ट में भेजी है।