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सरसों का तेल और रिफाइंड में मिलावट

Tue, 06 Dec 2016 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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fqe - फोटो : getty images
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बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों का धंधा जोरों पर है। जिम्मेदार अधिकारी भी उदासीन बने हुए हैं। पिछले नौ माह में विभागीय अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के 116 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। इनमें से 60 की रिपोर्ट आई, जिसमें 23 सैंपल फेल मिले हैं। इनमें सरसों के तेल के तीन और रिफाइंड का एक सैंपल तो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है।
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आज लोग पैसे कमाने के चक्कर में दूसरे के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं बाज नहीं आ रहे। खाद्य सुरक्षा के कड़े कानून के बाद भी मिलावटखोरी पर अंकुश लगते नजर नहीं आ रहा। मार्च माह से लेकर 30 नवंबर तक विभागीय अधिकारियों ने दूध, घी, मिठाई, सरसों का तेल, मावा, नमक आदि के 116 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। अब तक 60 की रिपोर्ट विभाग में प्राप्त हुई। इनमें से 23 सैंपल फेल हुए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में सैंपल फेल होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में मिलावट का कारोबार किस तरह से फलफूल रहा है।

सरसों के तेल के तीन और रिफाइंड का एक सैंपल मिला अनसेफ
विभागीय अधिकारियों द्वारा भेजे गए सैंपल की जो रिपोर्ट आई उसमें सरसों के तेल के तीन और रिफाइंड का एक सैंपल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया। अधिकारी ने बताया कि सरसों के तेल में कलर ज्यादा आ जाए इसलिए बटर यलो और मैटेलिक यलो कलर का प्रयोग ज्यादा मात्रा में निकला है। यह कैंसर को बढ़ावा देता है। यही स्थिति रिफाइंड में भी है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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यह सैंपल हुए फेल
जांच रिपोर्ट पर नजर डालें तो दूध के नौ, देसी घी के तीन, पेड़ा का एक, सरसों के तेल के चार, बरफी के पांच, रस्क का एक, मावा का एक, मिल्क केक का एक, सौंफ पाउडर और नमक के एक-एक सैंपल फेल हुए हैं। जो सैंपल अधोमानक पाए गए हैं उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट में केस दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

विभागीय अधिकारी मिलावटी खाद्य पदार्थों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि 60 रिपोर्ट में से 23 फेल हुई हैं। जो चार सैंपल  स्वास्थ्य के लिए अनसेफ पाए गए हैं संबंधित दुकानदार के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में तथा अधोमानक के खिलाफ एडीएम कोर्ट में केस दर्ज कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए अनसेफ के मामले में पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और उम्र कैद तक सजा अथवा दोनों हो सकते हैं।
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-संजीव कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मैनपुरी
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