डा. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया। गोष्ठियों में वक्ताओं ने उन्हें सच्चा देश भक्त एवं दलितों का मसीहा बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
मंगलवार को नगर के विभिन्न इलाकों में डा. अंबेडकर की प्रतिमाओं की साफ-सफाई कर माल्यार्पण किया गया। नगर के छपट्टी स्थित पार्क में स्थापित डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। सरन बाबू पिपिल ने कहा कि बाबा साहब द्वारा बताए गए मार्ग पर चल कर समाज और देश का उत्थान संभव है। शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का संदेश डा. अंबेडकर ने दिया था। हमें उनके संदेश पर चल कर समाज और देश का उत्थान करना है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी डा. अंबेडकर का सामाजिक समरसता दिवस एक कोचिंग सेंटर पर मनाया। अध्यक्ष गौरव राजपूत ने कहा कि संविधान में गरीबों, पिछड़ों, दलितों के लिए कल्याणकारी विचारों को लाने का श्रेय डा. अंबेडकर को ही है। उनके बताए गए रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस मौके पर जिला संगठन मंत्री अवधेश कुमार, जिला विकासार्थ विद्यार्थी प्रमुख आदर्श गुप्ता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दुर्गेश, चंद्रा, जिला सह सोशल मीडिया प्रभारी विवेक वाल्मीकि, हिमांशु यादव, प्रिंस मिश्रा, आशीष आदि मौजूद रहे।
दिव्यांग एकता कल्याण समिति ने बाबा साहब परिनिर्वाण दिवस मनाया। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को श्रद्धांजलि दी। अध्यक्ष राजू खान ने कहा कि बाबा साहब ने पूरे भारत को एक ऐसा संविधान दिया। जिसमें सभी का विकास निहित है। महामंत्री दुर्वेश कुमार बाथम, उमेश मौर्या, ब्रजेश, रामदास, शंकरलाल, राजू शाक्य, संजय शाक्य, भल्लू आदि मौजूद रहे।