जिला कारागार के बंदियों ने मंगलवार को बैरक में गर्मी की समस्या को लेकर जमकर हंगामा किया। पेशी पर जाने से इंकार कर दिया। सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुुंच गए। काफी देर समझाने के बाद कैदियों को आश्वासन दिया की बैरक में गर्मी से बचाव के लिए पंखा लगवाया जाएगा। इसके बाद कैदी पेशी पर जाने को तैयार हुए। दीवानी में करीब एक घंटा तक बवाल चला।
दीवानी में पेशी पर आए बंदियों ने जमकर हंगामा कर दिया। पुलिसकर्मियों ने जब उन्हेें पेशी पर ले जाने के लिए हथकड़ी लगानी चाही तो बंदियों ने इंकार कर दिया। बंदियों के इस विरोध की वजह बैरक में गर्मी से बचाव के लिए कोई इंतजाम न होना बताया गया है। काफी देर तक जब बंदी पेशी पर जाने को तैयार नहीं हुए तो आला अधिकारियों को खबर दी गई। सूचना पर सबसे पहले शहर कोतवाल पहुंचे। इसके बाद एसडीएम गजेंद्र सिंह, एडीशनल एसपी दिगंबर कुशवाह और सीओ सिटी शिष्यपाल सिंह भी दीवानी पहुंचे। काफी देर तक बंदियों से बातचीत करने के बाद अधिकारियों ने उन्हें बैरक में गर्मी से राहत के लिए संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद बंदी पेशी पर जाने को राजी हुए।
पहले भी बंदी करते रहे हैं हंगामा
पहले भी पेशी के दौरान बंदियों के हंगामा काटे जाने की घटनाएं होती रही हैं। करीब पांच वर्ष पूर्व कैदियों ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता के आरोप लगाकर हंगामा किया था। इस दौरान बैरक परिसर में नशीले इंजेक्शन भी पुलिस ने बरामद किए थे। अन्य सामान भी जब्त किया गया था। कैदियों ने पुलिसकर्मियों पर सुविधा शुल्क लेकर सामग्री पहुंचाने के आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। दो वर्ष पूर्व भी कैदियों ने पेशी पर ले जाने के दौरान पुलिस कर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाए थे।
महिला कैदियों के लिए नहीं बैरक की व्यवस्था
मंगलवार को दीवानी में पेशी पर आए पुरुष बंदी जिस समय बैरक में गर्मी को लेकर हंगामा काट रहे थे। उसी समय जेल से पेशी पर आईं महिला कैदी गाड़ी में बैठी गर्मी से बेहाल हो रही थी। बंदियों ने बताया कि उनके लिए बैरक की व्यवस्था नहीं है। पेशी के दौरान घंटो तक उन्हें गाड़ी में गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनके लिए कम से एक बैरक की व्यवस्था होनी चाहिए।