चेकिंग के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों की यातायात पुलिस ने मारपीट कर दी। सूचना पर पहुंचे अन्य आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर लिया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने थाने के सामने जाम भी लगा दिया। लगभग तीन घंटे बाद दोषियों पर कार्रवाई होने पर मामला शांत हुआ। इस मामले में एक टीएसआई और सिपाही को तत्काल निलंबित कर दिया गया। साथ ही उक्त दोनों पुलिसकर्मियों सहित तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं एएसपी और एडीएम समेत जिले भर का पुलिस फोर्स और दो कंपनी पीएसी तैनात रही।
बताते हैं कि सुबह लगभग 11:30 बजे आरएसएस के नगर कार्यवाह अवधेश गुप्ता, कार्यालय प्रमुख संतोष यादव और एक अन्य राहुल वर्मा के साथ एक ही बाइक पर कुरावली से शहर आ रहे थे। तभी ईशन नदी तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मियों ने उन्हें रुकने का इशारा किया। बाइक रुकते ही अवधेश और संतोष तो उतर गए, लेकिन राहुल बाइक लेकर भाग गया।
अवधेश का आरोप है कि बाइक रुकते ही मौके पर तैनात टीएसआई आबिद हुसैन ने उनके साथ मारपीट कर दी। यही नहीं उनके साथ मौजूद सिपाही ब्रजेंद्र सिंह यादव व एक अन्य ने भी मारपीट की। विरोध करने पर उन्हें गाड़ी में बैठाकर तीनों लोग पीटते हुए थाने तक ले गए।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता, पूर्व विधायक अशोक चौहान समेत सैकड़ों की संख्या में आरएसएस व भाजपा कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। उन्होंने घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक जब कोई अधिकारी नहीं आया तो गुस्साए लोगों ने थाने के सामने जाम लगा दिया और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। एएसपी दिगंबर कुशवाह मौके पर आए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।
भाजपा नेताओं का कहना था कि उनकी ओर से आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए और निलंबन की कार्रवाई की जाए। वार्तालाप के दौरान ही कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से अभद्रता शुरू कर दी। इसके बाद माहौल गरमा गया। मौके पर एडीएम और एसडीएम को भी बुला लिया गया लेकिन बाद में हालात संभल गए। अधिकारियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई वार्ता के बाद टीएसआई और एक सिपाही के निलंबन की कार्रवाई की गई। साथ ही जीप के चालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
उधर, व्यापारी नेता सुमंत गुप्ता भी सूचना मिलने पर थाने पहुंच गए। वहां अचानक उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया। यह देख मौके पर मौजूद नेता और पुलिस अधिकारी घबरा गए। आनन-फानन में जिला अस्पताल से चिकित्सक बुलाया गया। उन्होंने बीपी चेक करने के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।
हालात बिगड़ते तो होता लाठीचार्ज
मैनपुरी। आरएसएस के पदाधिकारियों से पुलिस कर्मियों के अभद्रता करने के बाद एकबारगी तो लगा कि पुलिस लाठीचार्ज कर देगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान जब काफी देर तक प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस अधिकारियों और नेताओं के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। इसी दौरान कुछ युवकों ने पुलिस अधिकारियों से अभद्रता शुरू कर दी। इस पर माहौल गरमा गया, लेकिन मौके पर मजिस्ट्रेट न होने के चलते बाद में उन्होंने अधीनस्थों को रोक दिया। वहीं अन्य दलों के नेता भी इसमें शामिल थे।
जाम लगाने वाले लोगों की की बनेगी सूची
मैनपुरी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों ने थाने का घेराव किया है और जाम लगाया है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उधर, जाम लगाने और थाने का घेराव करने के दौरान कुछ शरारती युवाओं ने सांप्रदायिक फैलाने वाले नारे भी लगाए। हालांकि जब इसकी जानकारी हुई तो उन्हें रोका गया।
पीड़ित की तहरीर पर तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। वहीं टीएसआई व पुलिस कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
- दिगंबर कुशवाह, एएसपी