मैनपुरी। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर सुमंत गुप्ता ने कहा कि देश एवं प्रदेश के विकास में वैश्य व्यापारी समाज का अहम योगदान है। वैश्य समाज के अधिकांश उपवर्ग आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक दृष्टि से सर्वाधिक पिछड़े हैं। आर्थिक आधार पर वैश्य समाज के ऐसे लोग जिनकी आमदनी छह लाख रुपये तक है, उन्हें पिछड़े वर्ग का आरक्षण मिलना चाहिए।
शनिवार को लेनगंज स्थित क्लबघर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेश सरकार को मांग पत्र दिया जा चुका है। वैश्य समाज के उपवर्ग अग्रहरि, अयोध्यावासी, ओमर, कमलापुरी, केसरवानी, गुलहरे, पोरवाल आदि को पिछड़े वर्ग में सम्मिलित करने के संबंध में संस्तुतियों के साथ पत्रावलियां शासन के पास वर्ष 2009 से लंबित हैं। मुख्यमंत्री को जल्द इस संबंध में आदेश जारी करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वैश्य समाज की आबादी 18 फीसदी है। प्रताड़ना और उपेक्षा ने वैश्य समाज को कमजोर किया है। समाज का बड़ा हिस्सा पिछड़े एवं अत्यंत पिछड़े वर्ग में जीवन यापन करने को मजबूर है। राजनीतिक क्षेत्र में भी वैश्य समाज की भूमिका वोटर तक ही सीमित होकर रह गई है। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को कौशांबी की छोटेलाल वाटिका में प्रांतीय वैश्य स्वाभिमान महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसका उद्घाटन मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया करेंगे। अध्यक्षता सांसद श्यामाचरन गुप्ता करेंगे। खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति विशिष्ट अतिथि होंगी। सम्मेलन में समाज की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। वार्ता के दौरान आनंद स्वरूप अग्रवाल, घनश्यामदास गुप्ता, बीनू बंसल, अशोक गुप्ता पप्पू आदि मौजूद थे।