शक्ति, समर्पण और सेवाभाव के आराध्य रामभक्त हनुमान की बुढ़वा मंगल पर जिले भर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा की गई। बजरंग बली के जयकारे हर जगह सुनाई दिए। कई मंदिरों में सुंदरकांड का पाठ हुआ। डीएन नगर के हनुमान मंदिर में हवन किया गया। घरों में भी बुढवा मंगल पर महिलाओं ने व्रत रखकर पूजा की।
डीएन नगर स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाकर वहां हवन किया गया। हनुमान प्रतिमा का जलाभिषेक कर नया चोला पहनाया गया। आचार्य ललित पांडेय ने रामचरित मानस का पाठ किया। गुड्डू राठौर, विजय भदौरिया, राजेश सिंह, सुधेंद्र चौहान, अशोक सिकरवार, प्रदीप राठौर, रमा भदौरिया, किरन सिंह आदि मौजूद रहे।
मंदिर पर शाम को भंडारा हुआ जो देर रात तक चलता रहा। ओम भंडार वाली गली में बुढ़वा मंगल पर हनुमान जी की पूजा करने के बाद हवन कर भंडारा हुआ। गोपाल कृष्ण बाली, राजू गुप्ता, आदेश गुप्ता, पप्पू, शिवम गुप्ता, विकास गुप्ता, नरायन, गोपाल, विक्रम गुप्ता, संजय पहलवान आदि मौजूद थे। मोहल्ला सोतियाना के प्राचीन हनुमान मंदिर पर शील नामाचार्य की देखरेख में पूरे दिन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम हुए।
कलक्ट्रेट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर हवन और पाठ किया गया। बजाजा बाजार में उदासीन पंचायती अखाड़ा बड़ा संकट मोचन हनुमान मंदिर पर हवन कर श्रद्धालुओं ने सुंदर कांड का पाठ किया। घरों में भी लोगों ने व्रत रखकर हवन पूजन करके अपने आराध्य हनुमान की पूजा की। महिलाओं ने भी व्रत रखकर घरों तथा मंदिरों में बजरंग बली की पूजा की। पवनसुत शक्तिपीठ हनुमान गढ़ी मंदिर पर महंत उमेशानंद महाराज की देखरेख में हनुमान चालीसा तथा सुंदरकांड का पाठ किया गया।
अजीतगंज में हनुमान मंदिर पर हनुमान प्रतिमा को चोला पहनाकर सुंदर कांड का पाठ किया गया। हेमचंद्र मिश्रा, सौरभ दुबे, डौबी, रौकी, राहुल, उमेश, शिवम, डिम्पी, दीपू, मीतू मौजूद थे। कुसमरा में शीतला मंदिर, बस स्टैंड मंदिर, गोपाल आश्रम मंदिर, बुढौली मंदिर, बेवर रोड मंदिर, पुलिस चौकी मंदिर, गुडमंडी पंचमुखी मंदिर, राधा माधव मंदिर अछईपुर में पूजा पाठ तथा चोला चढ़ाने के लिए लंबी लाइनें लगी।
रामलीला मैदान संकटमोचन मंदिर पर अखंड पाठ कर भंडारा किया। बरनाहल, घिरोर, कुरावली, औंछा, करहल, भोगांव, बेवर में भी प्राचीन और नवीन हनुमान मंदिरों पर कार्यक्रमों की पूरे दिन धूम रही। किशनी में हनुमान मंदिर पर श्रद्धालुओं ने चोला चढ़ाया। बसैत के राम मंदिर पर सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ हुआ।