पानीपत। प्रज्ञा की मां गुड्डी ने बताया कि वह तहसील कैंप के विकास नगर में रहते हैं। उनके पति नरेंद्र राजमिस्त्री के पास मजदूरी करते हैं। उनकी दो बेटी हैं। इनमें प्रज्ञा बड़ी थी। वे दोनों घर पर उनकी मां के साथ रहती थी। उनकी मां पिछले दिनों गांव चली गई। घर पर कोई नहीं था। वह बृहस्पतिवार को प्रज्ञा पहली बार गोदाम लेकर आई थी। उसे क्या पता था कि उसके साथ यह हादसा हो जाएगा।
हादसे में बेसुध हुई बच्ची रोशनी की हालत में दोपहर बाद सुधार हो गया। इसके बाद उसने हादसे की पूरी जानकारी दी। रोशनी ने बताया कि वह तीनों गोदाम में लुका-छुपी खेल रही थी। कपड़ों के बीच में एक छोटा सा गड्ढा बना था। जिसमें सोनम और प्रज्ञा छुप गई थी। जब वह उनके पास पहुंची तो उनके ऊपर बहुत सारे कपड़े गिर गए। जिसमें मैं, प्रज्ञा और सोनम दब गई, लेकिन मेरा मुंह बाहर ही रह गया। मैंने मम्मी और आंटी को आवाज लगाई, किसी ने मेरी आवाज नहीं सुनी।
भिवानी के अजीत ने किराये पर ले रखा है गोदाम : तहसील कैंप थाना पुलिस सूचना मिलते ही गोदाम पर पहुंची। उस समय गोदाम पर ताला लगा मिला। पुलिस ने मालिक के बारे पता लगाया। यह गोदाम भिवानी के अजीत का है। वह किराये के गोदाम में कपड़े का कारोबार कर रहा था। पुलिस ने मालिक को मौके पर बुलाकर ताला खोलकर अंदर जांच की।