फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम के बाद अब भाव ने गिराया आलू

Thu, 26 Mar 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

बारिश के पानी ने जहां आलू को बड़ा झटका दिया है वहीं अब मंडियों में लगातार आलू के गिर रहे दामों ने किसानों का हाल बुरा कर दिया है। बारिश से आलू में चैंपा लगने के चलते व्यापारी कम दामों पर आलू खरीद रहे हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक जहां आलू के दाम 700 रुपये प्रति क्विंटल थे वहीं इन दिनों 350-400 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए हैं।


आलू ने किसानों का दिवाला निकाल दिया है। पहले लगातार कोहरे और नमीयुक्त मौसम ने आलू की फसल को नुकसान पहुंचाया और फिर बाद में मार्च की शुरूआत से ही बारिश ने रही सही कसर पूरी कर दी। बारिश से खेताें में आलू को करीब 40 फीसदी तक नुकसान पहुंचा। बारिश से आलू में चैंपा लगने से आलू गलने लगा है। चैंपा के डर से ही व्यापारी भी आलू लेने से कतरा रहे हैं। कुछ दिनों रखने के बाद आलू गलने लगता है और यही कारण है कि व्यापारी आलू के दाम कम दे रहे हैं। 400 रुपये के दामाें में आलू की लागत भी नहीं निकल रही है।
विज्ञापन

कीमतों में गिरावट आने से कई किसान आलू को कोल्डस्टोरेज में रख रहे हैं। वहीं जिन किसानों के आलू में चैंपा का प्रकोप हो गया है वह औने-पौने दामों में आलू बेचने को मजबूर हैं। आलू के मिल रहे दामों में घाटा होने से किसान परेशान हैं। किसानों के अनुसार इस बार आलू के लिए अनुकूल मौसम न रहने के चलते पैदावार में भी कमी आई है।


प्रति बीघा आलू की पैदावार में करीब पांच हजार रुपये की लागत आती है। जबकि इन दामों में प्रति बीघा करीब चार हजार रुपये का आलू खेत में निकल रहा है। ऐसे में किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है।
किसान शिवनाथ सिंह, दौलतपुर


मौसम के चलते इस बार आलू की फसल प्रभावित हुई है। जिले के करीब 40 हजार किसानों ने 20 हजार हेक्टेयर में आलू की पैदावार की थी। जिले में करीब चार लाख टन आलू की पैदावार हुई है। सभी किसानों द्वारा खेतों से आलू निकाल लिया गया है।
विज्ञापन

सुरेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी


इस बार आलू की पैदावार में आई कमी और आलू खराब होने के कारण कोल्डस्टोरेज खाली रह सकते हैं। कोल्डस्टोरेजों की क्षमता के सापेक्ष भंडारण के लिए अब तक काफी कम आलू आया है। यदि यही हाल रहा तो कोल्डस्टोरेज संचालकों को भी घाटा उठाना पड़ सकता है।
सुमन चौहान, कोल्डस्टोरेज संचालक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें