जिला अस्पताल में डिप्लोमा फार्मासिस्ट के बैनर तले आयोजित हड़ताल में नर्सेस संघ, लैब टेक्नीशियन संघ व ओप्टी मिस्ट संघ के शामिल होने से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं। जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा पड़ने से रोगियों व उनके साथ आए तीमारदारों को बाहर से दवाएं लानी पड़ीं। यहां तक कि रोगियों से सीरिंज तक बाहर से मंगानी पड़ी। कई रोगी तो उपचार न मिलने के कारण तड़पते रहे।
मंगलवार को सुबह अस्पताल खुलते ही डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले नर्सेज संघ, लैब टेक्नीशियन, ओपटीमिस्ट के कर्मचारी एक साथ जिले भर में हड़ताल पर चले गए। सभी सीएचसी और पीएचसी को बंद कर कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने जिला अस्पताल पहुंचे। प्रांतीय उपाध्यक्ष शिवमंगल सिंह व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ। फार्मासिस्ट के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से दवा वितरण कार्य भी प्रभावित हुआ। फार्मासिस्ट ने स्टोर की चाबी किसी को नहीं दी। इससे दवा का भंडार भी समाप्त हो गया। इतना ही नहीं लगभग सुबह नौ बजे दवा वितरण कार्य सुचारु रूप से कराने के लिए पहुंचे सीएमएस के साथ कर्मचारियों की झड़प भी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
प्रांतीय उपाध्यक्ष शिवमंगल सिंह ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, प्रवक्ता ऋषिप्रकाश यादव ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. एचएन सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ. केके दुबे, डॉ. बदन सिंह, डॉ. एके दुबे, डॉ. विनोद चौहान, डॉ. गौरव, डॉ. राकेश बाबू यादव, टीसी भारती, डॉ. वीपी सिंह, सुमन यादव, माधुरी यादव, मनोरमा शाक्य, अजित कुमार विकास चौहान आदि मौजूद रहे।
औंछा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा रहा। इसके चलते दूर दूर से आए मरीज निराश होकर वापस लौटे। क्षेत्रवासी मरीज पीतादेवी, मुन्नी देवी, राधेश्याम, तोताराम, बंटू, ग्याप्रसाद, नाथूराम आदि निराश होकर लौटे। इसके अलावा जिले के नौ सीएचसी और 13 पीएचसी पर भी हड़ताल का असर दिखा।
पोस्टमार्टम कराने में हुई परेशानी
मैनपुरी। हड़ताल के चलते फार्मासिस्ट न होने से शवों का पोस्टमार्टम भी समय से नहीं हो सका। परिवारीजनों का आक्रोश देख संविदा पर आए फार्मासिस्ट को बुलाकर पोस्टमार्टम कराया। इससे परिवारीजनों को काफी परेशानी हुई।