प्राथमिक विद्यालय, मोहनसराय में पेयजल की बेहतर व्यवस्था।
देहात के लिए स्वीकृत छह परियोजनाओं का काम धीमी गति से चल रहा है। शासन से स्वीकृत धनराशि आवंटित होने के बाद भी काम की गति धीमी होने से लोगों को अभी तक परियोजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
देहात के लोगों को पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए शासन ने 12 परियोजनाएं स्वीकृत की थीं। जिनमें से सभी परियोजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि आवंटित कर दी गई है। 2472.44 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत छह परियोजनाएं खरपरी, कुचेला, गांगसी, कोसमा मुसलमीन, किरथुआ, नसीरपुर का काम धीमी गति से चल रहा है। स्वीकृत धनराशि अवमुक्त होने के बाद भी परियोजनाएं चालू नहीं होने से ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि 1435.28 लाख रुपये से स्वीकृत छह परियोजनाओं जोत, करीमगंज, कोसमा हिनूद, पुड़री, समान, सौज की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 1363.82 लाख रुपये की लागत से 3413 नए हैंडपंप लगाए गए हैं। 997.53 लाख रुपये की लागत से 2620 हैंडपंप रीबोर कराए जा चुके हैं।
पानी की टंकी बनी शो पीस
मैनपुरी। औंछा में लोगों को पेयजल सुविधा के लिए पानी की टंकी बनवाई गई थी। जो तीन माह से खराब पड़ी है। इस कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। लाखों खर्च हुआ लेकिन टंकी शो-पीस बनी है।
पेयजल परियोजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि विभाग और कार्यदायी संस्था को मिल चुकी है। निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र ही पूरा कराने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए जा चुके हैं। गर्मी से पूर्व ही इन परियोजनाओं को चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- बीएस यादव, अर्थ एवं संख्याधिकारी