मैनपुरी। जिले में स्थापित 50 शैया क्रिटिकल केयर यूनिट का उद्घाटन शनिवार को किया जा चुका है लेकिन यूनिट के संचालन के लिए विभाग के सामने तमाम चुनौतियां हैं। विभाग ने मंगलवार से यहां मरीज भर्ती करने की तैयारी की है। यूनिट में तीनों पालियों में गार्ड की तैनाती रहेगी। तीमारदारों के लिए टोकन व्यवस्था होगी।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में 19 करोड़ की लागत से तीन मंजिल 50 शैया क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना कराई गई है। शनिवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यूनिट का उद्घाटन भी कर दिया लेकिन अब यूनिट के संचालन में तमाम चुनौतियां हैं। हालांकि विभाग की तैयारी है कि आज से यहां मरीज भर्ती किए जाएं लेकिन अधूरी तैयारियों में मरीजों को बेहतर उपचार दे पाना कैसे संभव होगा।
विभाग की ओर से यहां तीन पालियों में एक डॉक्टर व स्टाफ की तैनाती की है। यहां सुबह की पाली में एक सिस्टर इंचार्ज सहित छह लोगों का स्टाफ मौजूद रहेगा। वहीं शाम की पाली में और रात की पाली में तीन स्टाफ नर्स तैनात रहेंगी। सीएमएस डॉ. राज सिंह की निगरानी में इस यूनिट का संचालन होगा। यहां प्रथम पाली में दो, शाम और रात की पाली में एक-एक गार्ड की तैनाती रहेगी। इसके साथ ही यहां तीन वार्ड बॉय, दो वार्ड आया और तीन स्वीपर की तैनाती की गई है। इसके साथ ही यहां गार्ड के पास टोकन रहेंगे। मरीज के भर्ती होने के साथ ही एक टोकन जारी किया जाएगा जो तीमारदार के पास रहेगा। टोकन जिस तीमारदार के पास रहेगा वही वार्ड में मरीज के साथ मौजूद रहेगा।
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ऑक्सीजन लाइन पहुंचाने की भी होगी चुनौती
तीन मंजिल अस्पताल के भूतल पर 20, प्रथम तल पर 14 और द्वितीय तल पर 16 बेड की व्यवस्था की गई है। मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पर यहां सिलिंडर से ही व्यवस्था की जाएगी। क्योंकि अभी तक यूनिट के लिए ऑक्सीजन लाइन नहीं बिछाई गई है। विभाग के सामने ऑक्सीजन लाइन बिछाने की भी चुनौती है।
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700 मीटर दूर एंबुलेंस से पहुंचेंगे मरीज
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी से क्रिटिकल केयर यूनिट की दूरी करीब 700 मीटर है। इमरजेंसी से गंभीर मरीज को यहां स्ट्रेचर से भेज पाना संभव नहीं है। इमरजेंसी से यूनिट तक जाने वाली सड़क खस्ता हाल है। ऐसे में विभाग को यहां मरीज भेजने के लिए एंबुलेंस का सहारा लेना होगा लेकिन यहां एक समस्या खड़ी होगी। 108 और 102 सेवा के तहत उन मरीजों को ही एंबुलेंस की व्यवस्था दी जा सकती है जो जिला अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर हों। अस्पताल के अंदर मरीजों को शिफ्ट करने के लिए इन एंबुलेंस का प्रयोग नहीं किया जा सकता। अब विभाग के सामने चुनौती है कि या तो शासन से संबंधित एंबुलेंस के लिए मंजूरी ली जाए या फिर अस्पताल में एक नई एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
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यूनिट के संचालन की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। सुरक्षा की दृष्टि से टोकन व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके कार्ड छप रहे हैं देर शाम तक कार्ड उपलब्ध हो जाएंगे। उम्मीद है कि मंगलवार से यहां मरीजों को शिफ्ट कर दिया जाए। -डॉ. राज सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल