उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बुखार के कहर के बीच जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं बिगड़ने लगी हैं। यहां पहुंचने वाले मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं। अस्पताल में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाए जा रहे हैं। यह हाल इमरजेंसी का ही नहीं है। इंडोर वार्ड में भी बेड कम होने पर दो-दो मरीज लिटाए जा रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में 25 मरीजों की मौत हो चुकी है।
आगरा रोड निवासी श्री निवास, वंशीगोहरा निवासी सीमा देवी, नगला शिवलाल निवासी सुबोध कुमार अस्पताल में बेड नहीं मिलने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को निजी अस्पतालों में ले गए। कुछ मरीज भीड़ को देखते हुए स्वत: ही निजी अस्पतालों के लिए चले गए। सोमवार की सुबह जिला अस्पताल में कुल 88 बेड की व्यवस्था थी जबकि 102 मरीज भर्ती हुए।
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जिला अस्पताल में जांच के नाम पर भी खानापूरी चल रही है। एक अक्तूबर और 2 अक्तूबर को अस्पताल की पैथोलॉजी बुखार के मरीजों के बीच भी बंद रही। इसके चलते जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की जांच नहीं कराई जा सकी। दो दिन से मरीज बिना जांच के ही अस्पताल में लेटे हुए थे।