मुलायम के दूसरे घर और सपा के गढ़, उसमें भी यादव बहुल बन्न दल क्षेत्र मतदान के सवाल पर इस बार एक जुट नहीं था। दूसरी पार्टियों की सेंध और पार्टी की रार के मुद्दे पर युवाओं और बुजुर्गों के बीच विरोधाभास नजर आया। सपा की पुरानी और नई लीडरशिप के सवाल पर दो पीढ़ियों के बीच विरोधाभास साफ नजर आया। बुजुर्ग जहां अपने दद्दा (मुलायम सिंह यादव) के साथ खड़े नजर आए तो युवाओं की पसंद अखिलेश थे। इसका असर मतदान के दौरान भी नजर आया और सपा के परंपरागत मतदाता बिखरे नजर आए।
मुलायम सिंह मैनपुरी को अपना दूसरा घर बताते रहे हैं, यही बात अखिलेश ने भी अपनी चुनावी सभाओं के दौरान कही। 2012 में यहां की सभी चार सीटों पर सपा ने कब्जा जमाया था। इस बार यहां की चारों सीटों सदर, करहल, भोगांव और किशनी पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति नजर आई। एक ओर मतदान की लाइनें लगी थीं, दूसरी ओर लोग चुनावी चर्चाओं में मशगूल थे। बहस चल रही थी। खांटी समाजवादी बुजुर्गों को साइकिल की सवारी के लिए हुई पार्टी में रार और प्रचार से मुलायम की दूरी रास नहीं आई।
गांव गोपालपुर में रास्ते में मिले गोवर्धन (75) से जब चुनाव की चर्चा और मुद्दों की बात की गई तो वह सीधे सपा की रार पर आ गए। सपा में मुलायम सिंह की उपेक्षा वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे और बोले, दद्दा की बेइज्जती भई, वह कसैउ भूले, या लड़का पढ़ायेके, बड़ा करा, चच्चा के चक्कर में बाप को ठिकाने कर दऊ, हमाय तो दद्दा ही सब कुछ, दद्दा की इज्जत बढावै कू सबक सिखाय, गांव नंदपुर के रामकेलैई (80) कहना था कि घर की रार घर में ही सुलझाय लैत, या में तो दद्दा का अपमान भऊ ।
नंदपुर में ही दीपक यादव से बात की गई तो वह अखिलेश के पक्ष में खड़े नजर आए और बोले उन्होंने विकास किया है। आज गांव में सड़क है, 24 घंटे लाइट मिलती है। ओमवती (35) भी विकास के मुद्दे पर अखिलेश के साथ खड़ी नजर आई। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के अंतर विरोध का असर यहां समर्थकों पर नजर आया। साइकिल की चाल तेज थी लेकिन,पार्टी के एक गुट की मदद से हाथी भी इस क्षेत्र में चलता दिखा। कहीं-कहीं कमल भी खिल रहा था। बन्नदल क्षेत्र के गांव मधुपुरी, दूल्हापुर, बालमपुर, गोपालपुर, नंदपुर, ईसइ में परंपरागत वोटरों के एक बड़े वर्ग का बिखराव साफ नजर आया।
मुस्लिमों में भाजपा हराओ ही रहा ट्रेंड
मैनपुरी। मुस्लिम वोटरों में भी जमकर विभाजन हुआ। लंबे समय तक सपा का वोट बैंक रहे मुस्लिम मतदाता इस बार शहर के कई मतदान केंद्रों पर बसपा के रंग में रंगे नजर आए।