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पहाड़ों पर बर्फबारी, यहां छूटी कंपकंपी

Tue, 10 Jan 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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ठंड - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिल रहा है। शीतलहर ने पूरी तरह से जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह से लेकर रात तक चल रही सर्द हवाओं के कारण लोगों का घर से बाहर निकलता तक मुश्किल हो गया है। मंगलवार को सुबह से ही सूर्यदेव के दर्शन तो हुए लेकिन सर्द हवाओं ने लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर दीं। न्यूनतम तापमान गिरकर चार डिग्री सेल्सियस पर आ जाने से लोगों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।
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कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए कोई अलाव का सहारा लेता दिखा तो कोई ढेर सारे गर्म कपड़ों का। मजदूरों, रिक्शा चालकों और फुटपाथ पर रहने वालों के लिए तो यह सर्दी आफत बनकर आ आई है। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाते देखे गए। शीतलहर के बीच लोग घरों से कम ही निकले। जहां कहीं आग जलती नजर आती लोग तापने के लिए रुक जाते। शाम होते ही ठंड ने अपना असर और तेज कर दिया। सर्दी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के इंतजाम करते रहे। अलाव ही एकमात्र सहारा रहे। मौसम का बदलता रुख देखकर किसानों की चिंता बढ़ गई। इन दिनों खेतों में सरसों, आलू के अलावा गोभी और अन्य सब्जियां खड़ी हुई हैं। किसानों को डर सता रहा है कि अगर बारिश के बाद ओले पड़ते हैं तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी।

नाकाफी साबित हो रहे अलाव के इंतजाम
शीत लहर से राहत के दिलाने को शासन ने सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं। तहसील एवं नगर पालिका प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में प्वाइंट भी चिंहित कर लिए हैं, लेकिन अलाव के नाम पर मात्र खानापूरी की जा रही है। इस ठंड के बीच भी चौबीस घंटे अलाव नहीं जल रहे हैं। सिर्फ रात के समय में अलाव का इंतजाम कराया जा रहा है। जहां अलाव जल रहे हैं, वहां लकड़ियां इतनी कम डाली जा रही है कि वे आधी रात होते-होते खत्म हो जाती हैं। लोगों को कूड़ा-करकट और अन्य वस्तुओं को जलाकर शरीर को गर्म रखना पड़ रहा है।
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