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जेल की सुरक्षा में अभी भी बनी हुई है बड़ी चूक

Wed, 15 Mar 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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जेल की सुरक्षा में अभी भी बनी हुई है बड़ी चूक - फोटो : अमर उजाला
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जिला जेल से चार बंदियों के भागने के बाद अभी भी प्रशासन का ध्यान एक बड़ी चूक की ओर नहीं गया है। जेल परिसर के गंदे पानी के निकासी के लिए बाहरी दीवार में छेद बना हुआ है। इसकी चौड़ाई इतनी है कि दो-चार ईंटें हटाकर कोई बंदी आसानी से बाहर निकल सकता है क्योंकि छेद के मुहाने पर लोहे की सरिया या मोटा जाल नहीं लगाया गया है। मुहाने पर गड्ढा बन गया है जिसमें पानी भरा रहता है। दीवार के उस हिस्से में बाहर की ओर से प्लास्टर भी नहीं है। भविष्य में अगर ध्यान न दिया गया तो वहां से बंदियों के भागने का खतरा और बढ़ जाएगा।
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जेल की चारदीवारी के बाद अधिग्रहीत की गई भूमि के तीन कोनों पर कई फीट ऊंची दीवार तो बना दी गई है मगर पानी निकासी वाली जगह को ठीक से बंद नहीं किया गया है। सोमवार को दीवार फांदकर फरार चारों बंदियों ने भागने की योजना जेल में ही बनाई थी। घटना के करीब छह घंटा बाद डीएम और एसपी को बंदियों के भागने की सूचना दी गई। इस प्रकरण में शक की सुई जेल प्रशासन पर ही घूम रही है। मंगलवार को डीआईजी जेल आगरा परिक्षेत्र शरद कुमार ने जिला कारागार का निरीक्षण किया था। शाम को दोबारा डीआईजी जिला कारागार पहुंचे थे। रात को वही रुकने के साथ बुधवार को छानबीन की गई। वहीं सस्पेंड किए गए जेलर व अन्य बंदी रक्षकों के बयान दर्ज किए। परिसर का जायजा लेना शायद भूल गए।

बढ़ाई शातिरों की सुरक्षा
बंदियों के जेल से भागने के बाद अन्य शातिर बंदियों की निगरानी के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूर्वांचल का शातिर जीवा भी जिला कारागार में बंद है। कई अन्य शातिर अपराधी जिला कारागार में उक्त घटना के बाद सभी पर निगरानी बढ़ा दी गई है। मुलाकातियों की भी विशेष निगरानी की जा रही है। तलाशी के साथ ही कोई भी वस्तु सीधे बंदी तक नहीं पहुंचेगी। इसे बंदीरक्षक को जमा कराना होगा अगर सीधे बंदी को कुछ देता हुआ पाया जाएगा तो मुलाकाती की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
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भागे बंदियों के नेपाल भागने की चर्चा
 जिला जेल से सोमवार को भागे दो शातिर बंदी डाक्टर राजेंद्र और शूटर मुंसाद के देश छोड़कर नेपाल जाने की चर्चाएं सुनी जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो कारागार से भागने के बाद पहले चारों ने जनपद की सीमा को पार किया। इसके बाद मुंसाद और राजेंद्र  सुनौली के रास्ते बार्डर पार कर नेपाल में प्रवेश कर गए हैं। दो अन्य बंदी अभी भी प्रदेश से बाहर बताए जा रहे हैं। हालांकि खुफिया विभाग और पुलिस टीमें बंदियों की तलाश में जुटा हुआ है।
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