-एक माह में पूरा हो जाएगा कार्य, हर गतिविधि पर होगी नजर
मैनपुरी।जिला कारागार में अब हाई सिक्योरिटी सेल होगी, इसका काम तेजी के साथ चल रहा है। जेल अधीक्षक का कहना है कि कार्य एक माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। सेल में पेशेवर अपराधियों की हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रहेगी।मैनपुरी के जिला कारागार में अब तक कई कुख्यात अपराधियों को रखा जा चुका है। इसमें अतीक अहमद और अनुपम दुबे जैसे माफिया रह चुके हैॅं। भविष्य ऐसे ही माफिया और कुख्यात अपराधियों को अलग रखने के लिए जेल में हाई सिक्योरिटी सेल बनाए जाने का कार्य एक माह पूरा हो जाएगा। जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने बताया कि हाई सिक्योरिटी सेल में कुख्यात अपराधी और माफियाओं को रखा जाता है, यदि प्रशासनिक आधार पर या अन्य किसी आदेश पर कोई कुख्यात बंदी मैनपुरी जेल भेजा जाएगा तो हमारे पास उसे रखने के लिए हाई सिक्योरिटी सेल होगी।
जेल में दो नई बैरक बनीं, बढ़ी क्षमता : जिला कारागार में दो नई बैरकों का निर्माण पूरा हो चुका है, इसके साथ ही बंदियों के रखे जाने की क्षमता भी अब पहले से बढ़ गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में जिला कारागार में करीब 600 बंदी हैं। जेल की क्षमता की बात करें तो 798 बंदियों को रखे जाने की व्यवस्था है। दो नई बैरक बनने के बाद अब जिला कारागार की बंदी रखे जाने की क्षमता 858 हो गई है।सिंगल सेल में 10 बंदियों को रखने की क्षमता :
हाई सिक्योरिटी सेल के साथ ही जेल में सिंगल बैरक का भी निर्माण कराया गया है, 10 सिंगल बैरक बनाई गई हैं। जिसमें अलग अलग 10 बंदी रखे जाते हैं।
ये रह चुके हैं अपराधी: जिला जेल में अब तक कई माफिया और कुख्यात अपराधी रह चुके हैं। इनमें से कृष्णानंद राय और ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड जैसे मामलों का अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा, विभिन्न राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों के आरोपी पंकज उर्फ भोला जाट, माफिया अतीक अहमद को भी इस जेल में रखा गया था। इसके अलावा दिहुली हत्याकांड का आरोपी भूरा, दोहरे हत्याकांड का आरोपी राकेश उर्फ अब्बा आदि माफिया बंद रहे हॅैं।
फोटो6 जिला कारागार मैनपुरी