झोलाछाप के इलाज से गई नवजात की जान
- फोटो : अमर उजाला
एक झोलाछाप ने मंगलवार देर शाम अपने यहां एक महिला की डिलीवरी कराई। इस दौरान उसने आपरेशन भी कर दिया। इससे नवजात की मौत हो गई। इसके बाद महिला के परिवारीजनों ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं परिवारीजनों ने देर रात तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी। जबकि पुलिस ने झोलाछाप के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की।
सिकंदरपुर निवासी आजाद की पत्नी चिन्नी गर्भवती थी। शनिवार को तबियत बिगड़ने पर आजाद ने अपनी पत्नी को गोलाबाजार स्थित झोलाछाप राजेश कुमार को दिखाया। वह अपने घर पर ही कथित तौर पर शकुंतला देवी अस्पताल संचालित कर रहा है। राजेश ने महिला को अपने यहां भर्ती कर लिया। आजाद का कहना है कि राजेश पहले वह नार्मल डिलीवरी की बात कहता रहा। लेकिन मंगलवार को उसने कहा कि बच्चा आपरेशन से ही होगा। आजाद के मना करने पर भी राजेश ने आपरेशन शुरू कर दिया। कुछ देर बाद आकर राजेश ने बताया कि उसके बच्चे की मौत हो गई है। यह सुनते ही राजेश के साथ आए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद आजाद ने अपनी बीबी चिन्नी को घर ले जाने की बात कही तो झोलाछाप ने कहा कि जब तक नौ हजार रुपये और जमा नहीं करोगे उसकी बीबी को वह घर नहीं जाने देंगे। जबकि झोलाछाप पहले ही 15 हजार रुपये जमा करा चुका है। काफी हंगामे के बाद भी जब झोलाछाप ने आजाद की बीबी को नहीं जाने दिया तो वह सीधे एसपी के पास पहुंचा। एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच आजाद की पत्नी को भर्ती कराया।
इसके बाद पुलिस ने झोलाछाप के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की। इंस्पेक्टर कोतवाली का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं चिकित्सक से उसके प्रमाण पत्र मांगे गए हैं।