कोतवाली क्षेत्र की मुस्लिम बस्ती महमूद नगर में अब मीट कारोबार नहीं होगा। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एक माह से बंद मीट की दुकानें अब नहीं खुलने दी जाएंगी। पूर्व सभासद ने बस्ती के लोगों के साथ मिलकर संकल्प लिया है। कहा है कि हिंदू मुस्लिम एकता, सौहार्द कायम रहेगी। साथ ही गंदगी व संक्रामक रोगों के खतरे से भी निजात मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों के बाद से महमूद नगर स्थित करीब 15 से अधिक मीट की दुकानें पूरी तरह से बंद चल रही हैं। वहीं अब बस्ती के लोगों ने एक अहम निर्णय लिया है। पूर्व सभासद नूर मोहम्मद उर्फ टाटा और युवाओं ने सभी से बात कर इस बात का संकल्प लिया है कि अब बस्ती में मीट का कारोबार दोबारा शुरू होने नहीं दिया जाएगा। योगी के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि गली-गली मीट की दुकानें खुलने से गलियों में दिनभर गंदगी रहती थी। फिरोज का कहना है कि सिकंदरपुर के लोग वहां किराए पर दुकानें लेकर मीट का कारोबार करते थे। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। मोहम्मद ताहिर का कहना है कि आपस में शांति और सौहार्द कायम रखना भी हिंदू और मुस्लिम दोनों की जिम्मेदारी है। राजा, जाहिद, निहाल, शमशुद्दीन, सुलेमान, नसरीन खान, जाहिदा बेगम, शहनाज, सरफराज आदि मौजूद थे।
मीट की दुकानों में पडे़ हैं ताले
मैनपुरी (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद गलियों में खुली मीट की दुकानों में ताले लटके हुए हैं। वहीं बस्ती के लोगों के विरोध के बाद अब सिकंदरपुर से मीट बिक्री करने वाले भी वहां आने से कतराने लगे हैं।