समाजवादी पार्टी ने विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया और विधायक भोगांव आलोक शाक्य का टिकट काट दिया है। इनके स्थान पर भोगांव से शिव बख्श सिंह शाक्य और किशनी से संध्या कठेरिया को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया है। विधायक सदर का नाम भी इस सूची में शामिल नहीं है। ऐसे में उनके नाम पर संशय खड़ा हो गया है। टिकटों की घोषणा के साथ ही सपा के गढ़ में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। भोगांव विधायक आलोक शाक्य समर्थकों ने घोषित शिव बख्स सिंह शाक्य का विरोध किया है और उनका पुतला फूंका है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच चली आ रही घमासान का असर सपा के गढ़ में मैनपुरी में भी पड़ रहा है। बुधवार को जारी हुई सूची में पूर्व मंत्री और विधायक भोगांव आलोक शाक्य का टिकट काटकर उनके स्थान पर चंदरपुर बसैत निवासी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष शिव बख्श शाक्य को टिकट दिया गया है। विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया के स्थान पर पूर्व विधायक संध्या कठेरिया को टिकट दिया गया है। संध्या कठेरिया 2002 और 2007 में भी सपा के टिकट पर विधायक चुनी जा चुकी है। 2012 के चुनाव में टिकट न मिलने पर संध्या कठेरिया ने पार्टी से बगावत करी दी और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। चुनाव हारने के बाद वह फिर से सपा में शामिल हो गई थी। पार्टी ने करहल विधायक सोबरन सिंह यादव का ही टिकट बरकरार रखा है। सदर सीट से विधायक राजू यादव के अलावा कई अन्य बड़े नेताओं ने भी दावेदारी कर रखी हैं, इसके चलते सदर सीट से प्रत्याशी की घोषणा नहीं होने से चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पार्टी प्रत्याशी का फूंका पुतला
पूर्व मंत्री विधायक आलोक शाक्य का टिकट कटते ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने नगला दीपा में नारेबाजी की और घोषित प्रत्याशी शिव बख्श शाक्य का पुतला फूंका है। सपा कार्यकर्ता कप्तान सिंह, अवधेश कुमार, प्रेमलता, रामवीर सिंह, रमेश चंद्र, वीरेंद्र सिंह, रामलाल सिंह आदि ने पार्टी हाईकमान से इस टिकट पर फिर से विचार करने की मांग की है, साथ ही कहा है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो चुनाव में पार्टी को खामियाजा उठाना पड़ेगा।
उधर, आलोक शाक्य की टिकट कटने से बेवर क्षेत्र के सपा कार्यकर्ताओं में निराशा है। कार्यकर्ताओं ने सपा मुखिया से स्वच्छ छवि के विधायक रहे आलोक की टिकट बरकरार रखने की मांग की है।
शक्ति प्रदर्शन को सुबह ही लखनऊ रवाना
बुधवार को सपा की सूची जारी होने की भनक लगते ही जिले के कई नेता शक्ति प्रदर्शन के लिए समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंच गए। विधायक सोबरन सिंह यादव और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अनुजेश प्रताप सिंह लखनऊ नहीं गए। सूत्रों की मानें तो सोबरन सिंह अपनी टिकट के प्रति पूरी तरह आश्वस्त थे।
बगावत मानी जा रही तय
सपा की जारी हुई सूची के बाद पार्टी में बगावत तय मानी जा रही है। आलोक शाक्य जहां तीन बार से भोगांव विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। संध्या कठेरिया की टिकट काटकर पहली बार ब्रजेश कठेरिया को लड़ाया गया और वह चुनाव भी जीते। सदर सीट को लेकर भी चल रही उठापटक के बीच पार्टी नेताओं द्वारा बगावत करने की संभावना की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।