उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बीती रात पड़ोसी ने छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची लहूलुहान हालत में घर पहुंची तो हालत देखकर परिजन के होश उड़ गए। वह उसे लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बातचीत करके जानकारी ली। पुलिस मुकदमा दर्ज करके आरोपी की तलाश कर रही है।
घटना किशनी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। गांव निवासी एक छह साल की मासूम शनिवार की रात करीब आठ बजे लहूलुहान हालत में रोते हुए घर पर पहुंची। पिता ने जब बच्ची की हालत देखी तो समझते देर नहीं लगी कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। बेहद घबराई और दर्द से कराहती बच्ची ने बताया कि पड़ोस के रहने वाले भईया के घर खेलने गई थी। वहां भईया ने उसके साथ ऐसा किया है।
घटना सुन परिजन के उड़ गए होश
बच्ची के मुंह से यह बात सुन पिता व अन्य परिजन के होश उड़ गए। बच्ची को तुरंत ही अस्पताल ले गए, घटना के संबंध में पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जानकारी जुटाई। जानकारी करने पर पता चला कि आरोपी की उम्र करीब 14-15 वर्ष है। आरोपी व उसके परिजन घर से भाग चुके थे। मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश दे रही है।
एसपी विनोद कुमार मासूम के साथ दुष्कर्म मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रहीं हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जरूरत से ज्यादा भरोसा बना मासूम के लिए मुसीबत
यकीन अच्छी बात है, लेकिन आज के समय में जरूरत से ज्यादा भरोसा कहीं न कहीं मुसीबत खड़ा कर देता है। ऐसा ही थाना क्षेत्र की रहने वाली छह साल की मासूम के साथ हुआ। बच्ची कई घंटों तक आरोपी के घर खेलती थी। परिजन भी ब्रेफिक्र रहते थे। यही ब्रेफिक्री मासूम के लिए मुसीबत बन गई।
घर में अगर छोटे बच्चे हैं, तो अभिभावक के लिए जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। आज के बदलते समय में किसी पर भी जरूरत से ज्यादा यकीन करना घातक साबित हो सकता है। यह बात कई घटनाओं के बाद सामने भी आ चुकी है। लेकिन फिर भी लोग सावधान होने के बजाय बच्चों को लेकर बेफिक्र हुए बैठे हैं। बच्चा कहां जाता है, क्या खा रहा है, किसके साथ खेल रहा है। ऐसी तमाम बातों पर अभिभावकों ने मानों सोचना ही बंद कर दिया है।
पड़ोसियों पर यकीन करना अच्छी बात है। लेकिन सवाल जब मासूम बच्चों का हो तो कई बातों को लेकर सावधानी भी बरतनी चाहिए। जिस घर में बच्ची जा रही है, उस घर का माहौल कैसा है। इस बारे में भी ख्याल रखना अभिभावक की ही जिम्मेदारी है। इसलिए ख्याल रखें कि बच्चों के समझदार न होने तक उसकी सुरक्षा और निगरानी अभिभावक की जिम्मेदारी है। जरा सी चूक किशनी जैसी घटना को आमंत्रण दे सकती है।
पहले भी भरोसे पर लग चुके हैं दाग
- 27 जनवरी 2022 को एक आठ साल की बच्ची के साथ मदरसे के इमाम ने दुष्कर्म की शर्मनाक घटना को अंजाम दिया था। लोगों ने आरोपी इमाम को पकड़ने के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।
- 27 फरवरी 2023 को बेवर क्षेत्र में पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने मासूम को अश्लील वीडियो दिखाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
- 20 मार्च 2023 थाना एलाऊ क्षेत्र स्थित ननिहाल आई औरेया निवासी तीन वर्षीय मासूम के साथ गांव के एक नाबालिग ने दुष्कर्म किया था। आरोपी नाबालिग का बच्ची की ननिहाल में आना जाना था। परिजन उस पर बेहद यकीन करते थे।
मोबाइल से बनाएं दूरी
आज के समय में लोग अकेलापन को दूर करने का सहारा मोबाइल को मान चुके हैं। जबकि हकीकत की बात करें तो अकेलापन दूर करने वाला और आपका सबसे प्यारे खिलौने बच्चे ही हैं। मोबाइल को सिर्फ आवश्यकता तक सीमित रखें। बच्चों के साथ खेलें, उनको समय दें ताकि न आप न ही बच्चे अकेलेपन का शिकार हों।
इन बातों को लेकर रहें सावधान
- बच्चा जिस घर में जा रहा है, उन लोगों को आप कितने समय से जानते हैं।
- बच्चा जहां खेलने जा रहा है वहां उसके हमउम्र बच्चे हैं या नहीं
- छोटे बच्चे अगर घर के बाहर खेल रहे हैं तो अभिभावक निगरानी रखें।
- आपके आसपास का माहौल कैसा है, इसका विशेष ध्यान रखें।
- बच्चा जब खेल कर आए तो उसको समय देकर माहौल के बारे में जानकारी लें।