मंदिर निर्माण के चलते सांप्रदायिक तनाव
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नगर में बाईपास गढ़िया चौराहे के पास स्थित गमा देवी मंदिर पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर शनिवार को कस्बा में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से दावा किया गया कि जिस स्थान पर मंदिर बन रहा है वह कब्रिस्तान की जमीन है। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस फोर्स और एसडीएम पहुंच गए। मामले की नाजुकता को देख अधिकारियों ने मंदिर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
गमा देवी का मंदिर की जमीन पर भू माफियाओं का कब्जा न हो इसके लिए मंदिर कमेटी और नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव कुमार यादव गुड्डू की पहल पर सरकार ने इसके पुनरोद्धार के लिए धनराशि मुहैया करा दी। इसी के जरिए नगर पंचायत के माध्यम से वहां निर्माण कार्य शुरू कराया गया, लेकिन शनिवार को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने भूमि को कब्रिस्तान की बात कर विवाद खड़ा कर दिया। मंदिर के निर्माण में कब्रिस्तान की जगह दबाने की बात कही। इससे विवाद हो गया। दोनों ही पक्षों ने भूमि पर अपनी-अपनी होने का दावा किया है। विवाद बढ़ता देखकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग एसडीएम रामचंद्र यादव के पास पहुंचे और लिखित ज्ञापन देकर मंदिर निर्माण में कब्रिस्तान की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। एसडीएम ने उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना और राजस्व कर्मियों व पुलिस को मौके पर जाने और विवाद के समाधान होने तक निर्माण कार्य बंद कराने का आदेश दिया। राजस्व टीम के आदेश पर मंदिर पर नगर पंचायत की ओर से कराया जा रहा पुनरोद्धार कार्य रोक दिया गया। जब मंदिर कमेटी की ओर से दावा किया गया कि जिस जगह पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वह मंदिर की है तो दोनों पक्षों के निर्देशित किया कि वे रविवार को अपने कागज लेकर उपस्थित हों। उनको देखने के उपरांत ही कोई फैसला दिया जाएगा। तब तक किसी भी पक्ष की ओर से मौके पर किसी प्रकार का कार्य नहीं कराया जाएगा और यथास्थिति कायम रखी जाएगी। एसडीएम रामचंद्र यादव का कहना है कि जांच के बाद ही आगे कार्य होने दिया जाएगा।
कब्रिस्तान की जगह पर नहीं होगा निर्माण
करहल (ब्यूरो)। नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव कुमार गुड्डू का कहना है कि गमा देवी मंदिर पर निर्माण कार्य को लेकर अचानक विवाद खड़ा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर जगह कब्रिस्तान की होगी तो उस पर कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। अकेले यही कब्रिस्तान नहीं, बल्कि नगर में और भी कब्रिस्तान है, मैं चाहता हूं कि वे भी पूरी तरह सुरक्षित हो जाएं। अल्पसंख्यक समुदाय के जिम्मेदार लोग बाकायदा पूरी नाप कराएं और हमें बताएं। शासन से प्राप्त सहायता राशि के जरिये नगर पंचायत उन सभी की बाउंड्री का निर्माण करा देगी ताकि वहां किसी प्रकार के नाजायज कब्जे की आशंका ही नहीं रहे।